एनआइटी : शहरी संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क कोर्स का हुआ समापन

एक सप्ताह का विशेष पाठ्यक्रम 16 से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया गया.

संवाददाता, पटना

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) पटना में ‘शहरी संरक्षण के माध्यम से क्षेत्रीय पहचान बनाये रखते हुए शहरी पुनरुद्धार विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स कोर्स का सफल समापन हो गया. एक सप्ताह का विशेष पाठ्यक्रम 16 से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया गया. कार्यक्रम एनआइटी पटना के निदेशक प्रो पीके जैन के संरक्षण में आयोजित किया गया. इसमें देशभर से करीब 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें छात्र, शिक्षक, शोधकर्ता और पेशेवर शामिल थे. इस कोर्स के मुख्य वक्ता यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रेडेम रोम इटली के प्रो एतोर मारिया मजोला रहे. उन्होंने बताया कि शहरों का विकास करते समय उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बचाना बेहद जरूरी है. कोर्स में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी खास जोर दिया गया. प्रतिभागियों को नालंदा के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ले जाया गया, जहां उन्होंने वहां की प्राचीन वास्तुकला को समझा और संरक्षण व विकास से जुड़े प्रस्ताव तैयार किये.

पर्यटक सुविधाओं में सुधार के सुझाव दिये गये

छात्रों को समूहों में बांटकर नालंदा खंडहरों की वास्तुशैली को समझने और उसके आधार पर जीर्णोद्धार और पर्यटक सुविधाओं में सुधार के सुझाव दिये गये. विशेषज्ञों ने इन प्रस्तावों का मूल्यांकन किया, जिससे छात्रों को वास्तविक चुनौतियों की समझ मिली. कार्यक्रम के तहत बिहार संग्रहालय में सतत जीर्णोद्धार पर एक सार्वजनिक व्याख्यान भी हुआ. प्रो मजोला ने कहा कि केवल आधुनिक तकनीक और सामग्री पर निर्भर रहना सही नहीं है बल्कि पारंपरिक निर्माण तरीकों को अपनाकर ही सच्चा संरक्षण संभव है.

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