बिहार के 24 जिलों में मिलेगा लंबे समय तक राहत देने वाला गर्भनिरोधक, अब रोजाना की झंझट खत्म

बिहार सरकार ने राज्य के 24 जिलों में दो प्रकार के नये गर्भनिरोधकों की शुरुआत करने का फैसला लिया है. अब महिलाओं को परिवार नियोजन के लिए दीर्घकालिक राहत मिलेगी.

शशिभूषण कुंवर/ Garbhnirodhak: बिहार की महिलाएं अब लंबे समय तक असरदार गर्भनिरोधकों की सुविधा से लाभान्वित होंगी. इसके लिए महिलाओं को अब परिवार नियोजन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सरकार ने राज्य के 24 जिलों में दो प्रकार के नये गर्भनिरोधकों की शुरुआत करने का फैसला लिया है. राज्य सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सफल परीक्षण के बाद 13 जिलों में ‘एमपीए सबक्यूटेनियस’ और 11 जिलों में ‘सबडर्मल इंप्लांट’ की सेवा शुरू करने की मंजूरी दे दी है. इसके लिए जरूरी तैयारी कर ली गयी है और जिलों को परिवार नियोजन सामग्री भेजी जा रही है.

11 जिलों में सबडर्मल इंप्लांट की शुरुआत

एमपीए सबक्यूटेनियस को जिन 13 जिलों में प्रयोग में लाया जायेगा उनमें औरंगाबाद, बेगूसराय, बक्सर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली और शेखपुरा जिले शामिल हैं, जबकि सबडर्मल इंप्लांट सेवा जिन 11 जिलों में दी उनमें अररिया, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पूर्णिया, सहरसा, सारण और पश्चिम चंपारण जिले शामिल हैं. एम्स पटना की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा इंदिरा प्रसाद ने बताया कि महिलाएं आज ऐसे गर्भनिरोधकों की मांग करती हैं जो बिना रोजाना की झंझट के लंबे समय तक कारगर हों.

महिलाओं को दीर्घकालिक राहत

एमपीए सबक्यूटेनियस और सबडर्मल इंप्लांट ऐसी ही सुविधाएं हैं, जो महिलाओं को दीर्घकालिक राहत देते हैं. सबडर्मल इंप्लांट माचिस की तिली जैसी छोटी छड़ होती है जिसे त्वचा के नीचे लगाया जाता है, वहीं एमपीए सबक्यूटेनियस एक प्री-लोडेड सूई है जो कम चुभती है. दोनों ही सुरक्षित और प्रभावशाली गर्भनिरोधक विकल्प हैं. सबडर्मल इंप्लांट माचिस की तिली जैसी छोटी छड़ होती है जिसे त्वचा के नीचे लगाया जाता है वहीं एमपीए सबक्यूटेनियस एक प्री-लोडेड सूई है जो कम चुभती है. दोनों ही सुरक्षित और प्रभावशाली गर्भनिरोधक विकल्प हैं. एमपीए सबक्यूटेनियस का इस्तेमाल शेखपुरा और मुंगेर में जबकि सबडर्मल इंप्लांट की शुरुआत पटना और भागलपुर में की गयी थी.

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By Radheshyam kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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