पटना से सुयेब खान की रिपोर्ट
पटना जिले के मनेर प्रखंड के मगरपाल पंचायत स्थित फौजियों का गांव रतन टोला एक बार फिर गंगा नदी के कटाव की चपेट में आ गया है. गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि के बाद तेज धार ने कटावरोधी जियो बैग को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है.
तेज धारा में बहने लगे कटावरोधी जियो बैग
ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो-तीन माह पहले रतन टोला गांव को गंगा कटाव से बचाने के लिए कई स्थानों पर जियो बैग लगाए गए थे. लेकिन हाल के दिनों में नदी की तेज धारा के कारण ये जियो बैग कई जगहों से टूटकर गंगा में बह गए हैं. कटाव बढ़ने से गांव की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
ढेलाहा बाबा मंदिर के पास बढ़ी कटाव की समस्या
मगरपाल पंचायत के मुखिया मैनेजर सिंह ने बताया कि रतन टोला स्थित ढेलाहा बाबा मंदिर के पास विभाग की ओर से जियो बैग लगाए गए थे. उनका आरोप है कि ठेकेदार ने कुछ हिस्सों में जियो बैग लगाने का काम अधूरा छोड़ दिया था. इसी कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद तेज बहाव ने कटाव शुरू कर दिया.
ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लगाया लापरवाही का आरोप
मुखिया ने कहा कि जियो बैग लगाने के कार्य में अनियमितता के कारण गांव पर दोबारा खतरा बढ़ गया है. उन्होंने बताया कि कटाव स्थल से कुछ ही दूरी पर रतन टोला गांव बसा हुआ है. अगर समय रहते बचाव कार्य नहीं किया गया तो बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है.
मिट्टी धंसने से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
स्थानीय वार्ड सदस्य बिजेंद्र यादव ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण जियो बैग को काफी नुकसान पहुंचा है और आसपास की मिट्टी भी धंसने लगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा कुछ हिस्सों को खाली छोड़ दिया गया था, जिसके कारण कटाव की स्थिति बनी है.
प्रशासन से तत्काल बचाव कार्य की मांग
ग्रामीणों ने गंगा कटाव से रतन टोला गांव को बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से मरम्मत कार्य कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जियो बैग को दुरुस्त नहीं किया गया तो गांव पर गंभीर संकट मंडरा सकता है.
