Patna News: राजधानी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव के दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दीघा घाट से लेकर जेपी सेतु व घाट नंबर 88 तक गंगा का पानी आधा किलोमीटर तक नजदीक आ गया है. इससे पटना का सबसे बड़ा फूड हब जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गया है. गंगा पथ के निचले इलाकों में पानी भर चुका है.
इससे कई वेंडरों के ठेले, बर्तन व अन्य व्यावसायिक सामान भी डूब गए हैं. पानी भरने व मरीन ड्राइव से दुकानदारों को खाली कराने के कारण दुकानदारों की बिक्री ठप हो गई है.
280 में अब 175 वेंडर्स ही लगा रहे दुकान
मरीन ड्राइव वेंडर संघ के अध्यक्ष मणिकांत ने बताया कि फ्री-फैब्रिकेटेड दुकानों के एलॉटमेंट के लिए नगर निगम द्वारा सर्वे किया गया था. जिसके मुताबिक यहां करीब 280 से अधिक स्थाई दुकानें लगती थीं, लेकिन अब जलभराव व वेंडिंग के लिए जगह नहीं मिलने के कारण केवल 150 से 175 दुकानें ही किसी तरह लग पा रही हैं.
ग्राहकों का भी आना-जाना हुआ कम, कमाई हुई आधी
संघ के उपाध्यक्ष रमण कुमार निराला ने बताया कि गंगा का पानी ऊपर आने से दुकानदारों को अपने ठेले हटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है. निचले स्तर पर बने अस्थाई वेंडिंग स्थल पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. ऊपर सड़क पर ठेला लगाने पर पुलिस द्वारा हटाए जाने की कार्रवाई की जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि 3-3 घंटे तक खड़े रहने के बावजूद एक भी ग्राहक नहीं पहुंच रहा है.
पानी के तेज बहाव के साथ पत्थर और गिट्टी बहकर आने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है. कमाई न होने से परिवार का गुजारा चलाना और किराया देना मुश्किल हो रहा है.
पार्किंग व वेंडिंग जोन नहीं होने से हो रही परेशानी
जेपी गंगा पथ पर दुकानें लगा रहे वेंडरों के लिए स्थायी वेंडिंग जोन नहीं होने से परेशानी हो रही है. साथ ही, यहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी से लोग अब कम आ रहे हैं. मालूम हो कि, जेपी गंगा पथ को वेंडिंग फ्री करने की वजह से दुकानें नहीं लग रही है. वहीं, दीघा गोलंबर के पास नीचे पार्किंग तैयार करने की योजना बनी है.
हालांकि, पहले इसी जगह वेंडिंग जोन बनाने की घोषणा की गयी थी. जगह को समतल करने व अन्य कार्यों के लिए टेंडर जारी कर काम भी किया गया. साथ ही, अभी जहां दुकानें लग रही वहां लाइटिंग की भी अच्छी सुविधा नहीं है.
