पटना हाइकोर्ट के आदेशों का फुटाब ने किया स्वागत

फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (फुटाब) ने राजभवन, कुलपतियों और शिक्षा विभाग के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से पटना हाइकोर्ट के आदेशों का स्वागत किया है.फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव व एमएलसी संजय कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट ने अकाउंट फ्रीजिंग को तत्काल वापस लेने का सही आदेश दिया है.

राजभवन, कुलपति और शिक्षा विभाग के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से दिये गये पटना हाइकोर्ट के आदेशों का फुटाब ने किया स्वागत

छह मई को विश्वविद्यालयों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक, लेकिन एजेंडा में शिक्षक हित के कई महत्वपूर्णं बातें नहीं

संवाददाता,पटना

फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (फुटाब) ने राजभवन, कुलपतियों और शिक्षा विभाग के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से पटना हाइकोर्ट के आदेशों का स्वागत किया है.फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव व एमएलसी संजय कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट ने अकाउंट फ्रीजिंग को तत्काल वापस लेने का सही आदेश दिया है.उन्होंने कहा विभाग ने ऐसी कार्रवाई बिना किसी ठोस कारण के विश्वविद्यालयों के बैंक खातों पर रोक लगा दी.इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को महीनों तक पारिवारिक पेंशन सहित उनके वेतन और पेंशन से वंचित रहना पड़ा.उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के बैंक खातों पर रोक लगा दिया.फुटाब प्रतिनिधियों ने कहा कि यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि अपमानजनक भी है.विश्वविद्यालयों को अपने वैधानिक कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए अदालत की शरण में जाना पड़ा, यह पूरे देश में इस तरह का पहला मामला है.

छह मई को विश्वविद्यालयों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक

फुटाब के महासचिव संजय कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश से 6 मई को विश्वविद्यालयों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक होनी है, लेकिन एजेंडा से एसोसिएशन के गठन और उसकी सदस्यता ग्रहण करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जैसे असंवैधानिक पत्र को वापस करने जैसे शिक्षक के हित के मुद्दे गायब है.वहीं, विभाग के अव्यवहारिक आदेशों का विरोध करने वालों के वेतन और पेंशन पर रोक लगाने वाले आदेशों को वापस लेना, वेतन और पेंशन का मासिक भुगतान को बैठक में नहीं रखा गया है.

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