पटना से अमृता सिंह की रिपोर्ट
Four-year Undergraduate Programme : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत लागू चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के चौथे वर्ष की तैयारी शुरू हो गई है. वर्ष 2027 में चौथे वर्ष में प्रवेश करने वाले छात्रों के लिए पहली बार आठवें सेमेस्टर का सिलेबस तैयार किया जाएगा. इसके लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को 46 विषयों का पाठ्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
चौथे वर्ष के सिलेबस की तैयारी शुरू
दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के लिए पहली बार आठवें सेमेस्टर का सिलेबस तैयार किया जाएगा. यह पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2023-27 से लागू हुआ था. अब तक विश्वविद्यालयों में केवल पहले तीन वर्षों यानी छह सेमेस्टर तक का पाठ्यक्रम तैयार था और उसी के अनुसार पढ़ाई संचालित हो रही थी.
सभी विश्वविद्यालयों को जारी किए गए निर्देश
लोक भवन के अपर मुख्य सचिव ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) सहित राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर चौथे वर्ष का सिलेबस तैयार कराने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों को अपने-अपने विषय विशेषज्ञों की सहायता से कुल 46 विषयों का नया पाठ्यक्रम तैयार करना होगा.
विषय विशेषज्ञों के साथ हुई ऑनलाइन बैठक
सिलेबस निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए लोक भवन की ओर से सभी विषय विशेषज्ञों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई. बैठक में उन्हें संबंधित विषयों के पाठ्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया गया. विशेषज्ञों से 16 और 17 जुलाई तक तैयार सिलेबस उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिसके बाद उसकी समीक्षा और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. नया सिलेबस विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के अनुरूप तैयार होगा.
चौथा वर्ष होगा पूरी तरह शोध आधारित
नई व्यवस्था के अनुसार स्नातक पाठ्यक्रम का चौथा वर्ष शोध आधारित होगा. इस दौरान छात्रों को चार-चार क्रेडिट वाले तीन शोध आधारित पत्र पढ़ाए जाएंगे. इसका उद्देश्य छात्रों में शोध क्षमता विकसित करना और उन्हें उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.
ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री का मिलेगा अवसर
जो छात्र तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद चौथे वर्ष में प्रवेश लेंगे, उनका शैक्षणिक प्रदर्शन डिग्री के स्वरूप को निर्धारित करेगा. 7.5 या उससे अधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को "ऑनर्स विद रिसर्च" की डिग्री प्रदान की जाएगी. इससे उन्हें शोध, पीएचडी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
पहली बार लागू होगी नई व्यवस्था
चूंकि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम वर्ष 2023 से पहली बार लागू किया गया था, इसलिए अब तक केवल छह सेमेस्टर की पढ़ाई हुई है. इसी कारण चौथे वर्ष और आठवें सेमेस्टर का सिलेबस पहले तैयार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी. वर्ष 2027 में पहली बार अंतिम वर्ष की पढ़ाई शुरू होने के साथ यह नई व्यवस्था लागू होगी.
