बिहार : चार लाख प्रवासी मजदूरों ने कराया पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

दूसरे राज्यों में काम करने वाले लाखों मजदूर वापस बिहार लौटे हैं. इनके सामने रोजगार की समस्या नहीं आये. ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के सभी श्रमिकों का डेटाबेस तैयार हो और प्रवासी मजदूरों को उनकी योग्यता देख कर उन्हें रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाये.

पटना : दूसरे राज्यों में काम करने वाले लाखों मजदूर वापस बिहार लौटे हैं. इनके सामने रोजगार की समस्या नहीं आये. ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के सभी श्रमिकों का डेटाबेस तैयार हो और प्रवासी मजदूरों को उनकी योग्यता देख कर उन्हें रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाये. श्रम संसाधन विभाग ने प्रवासी मजदूरों का डेटाबेस तैयार करने और रोजगार से जोड़ने के लिए एक पोर्टल बनाया है.

इसमें अभी तक चार लाख से अधिक मजदूरों ने निबंधन हो चुका है. अब इन मजदूरों को ब्योरा विभाग के पास होगा. पोर्टल पर निबंधन कराने वाले प्रवासी मजदूरों को राज्य में असंगठित श्रमिकों के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ दिया जायेगा. इसमें बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 तथा बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना 2008 का लाभ सहित अन्य योजनाओं का नियमानुसार लाभ मिलेगा.

पोर्टल के माध्यम से अनुभव का हो रहा है बंटवारा: पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों से उनके हुनर और कार्य अनुभव का ब्योरा लिया जा रहा है, ताकि आवश्यकता अनुसार नियोजकों के साथ समन्वय स्थापित करके रोजगार देने का प्रयास नियोजनालय द्वारा किया जा सके. वहीं, राज्य सरकार के अन्य विभागों को भी निबंधित श्रमिकों की सूची भेजी जा रही है और जिस विभाग में श्रमिकों की जरूरत उनके हुनर के मुताबिक होगी.

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