संवाददाता, पटना बिहार राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत राज्य एवं जिला स्तरीय वाहन संचालन समिति का गठन किया जा रहा है, ताकि नयी नीति के तहत निगरानी, अनुदान एवं अन्य व्यवस्थाओं की त्रिस्तरीय व्यवस्था हो सके. हाल के दिनों में राज्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का चलन बढ़ा है, जिसमें छोटी- बड़ी गाड़ियां शामिल हैं. राज्य सरकार ने भी प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद और चार्जिंग प्वाइंट लगाने पर अनुदान देने की नीति बनायी है.इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया है. वहीं, वाहन नीति को पालन करने के संबंध में जिलों को दिशा-निर्देश भेज गया है. राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष होंगे मुख्य सचिव परिवहन विभाग के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहन नीति की समीक्षा, नीति संबंधी निदेश और काम की निगरानी के लिए शीर्ष स्तर पर एक राज्य स्तरीय इलेक्ट्रिक वाहन संचालन समिति होगी, जिसमें मुख्य सचिव बिहार अध्यक्ष, विकास आयुक्त बिहार सदस्य, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव पथ निर्माण, वित्त , नगर विकास एवं आवास विभाग , ऊर्जा, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन विभाग के सदस्य होंगे. वहीं, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंधन निदेशक सदस्य, राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सदस्य, परिवहन आयुक्त सदस्य रहेंगे. परिवहन विभाग होगा नोडल नयी नीति के तहत नीति के कार्यान्वयन के लिए परिवहन विभाग नोडल विभाग बनाया गया है.इसमें परिवहन विभाग के अंतर्गत सचिव, परिवहन विभाग की अध्यक्षता में एक पूर्णकालिक इलेक्ट्रिक वाहन अनुश्रवण समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें राज्य परिवहन आयुक्त सदस्य सचिव रहेंगे. जिलास्तरीय इलेक्ट्रिक वाहन समिति जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिलास्तरीय इलेक्ट्रिक वाहन समिति होगी, जिसमें नगर आयुक्त , विद्युत कार्यापालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता इस समिति के सदस्य होंगे और जिला परिवहन पदाधिकारी इस समिति के सदस्य सचिव होंगे.वहीं, इस नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा व समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक तिमाही में न्यूनतम एक बार इस समिति की बैठक आयोजित की जायेगी.
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