Ford Hospital: अचानक तेज धड़कन बढ़ने और बार-बार धड़कन अनियमित होने की समस्या से परेशान मरीजों के लिए फोर्ड हॉस्पिटल, पटना में इलाज की सुविधा उपलब्ध है. अस्पताल में चार मरीजों का रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन के जरिए सफल इलाज किया गया. इन मरीजों में दवाओं से धड़कन को नियंत्रित करने में परेशानी हो रही थी. इलाज कराने वाले मरीजों में खैरा, जमुई की 35 वर्षीय नीलम कुमारी ( बदला हुआ नाम), बरौनी, बेगूसराय की 40 वर्षीय रंजू कुमारी ( बदला हुआ नाम), भोजपुर के 43 वर्षीय चंदन कुमार ( बदला हुआ नाम) और औरंगाबाद के 60 वर्षीय संजय सिंह ( बदला हुआ नाम) शामिल हैं.
यह प्रक्रिया डॉ. बीबी भारती के नेतृत्व में डॉ. सुशांत, डॉ. सरोज मिश्रा, डॉ. शशांक, मनमोहन और तकनीशियन कमल की टीम ने की.
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट एवं हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. बीबी भारती के अनुसार, कुछ मरीजों में दिल के अंदर मौजूद एक विशेष हिस्से से असामान्य विद्युत संकेत निकलते हैं, जिससे अचानक धड़कन तेज हो जाती है. ऐसे मामलों में पहले इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल स्टडी (ईपीएस) के जरिए धड़कन बढ़ने वाले स्थान की पहचान की जाती है. इसके बाद कैथेटर के माध्यम से उस हिस्से तक पहुंचकर रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा दी जाती है. इससे असामान्य विद्युत संकेत पैदा करने वाले हिस्से को निष्क्रिय किया जाता है.
उन्होंने बताया कि बार-बार तेज धड़कन की शिकायत होने पर केवल दवा पर निर्भर रहने के बजाय मरीज की जांच कर कारण का पता लगाना जरूरी है. प्रक्रिया के बाद चारों मरीजों में अचानक धड़कन बढ़ने की समस्या में राहत मिली.
