बिना छेद या चीरा लगाए ईआरसीपी तकनीक से निकाला पित्त नली का स्टोन
Ford Hospital: फोर्ड हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (पेट) विभाग में आधुनिक ईआरसीपी (एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलांजियो पैंक्रियाटोग्राफी) विधि से मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है. इसी क्रम में भागलपुर के अम्मापुर, बखेरापुर की 28 वर्षीय महिला सीमा कुमारी (बदला हुआ नाम) का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया.
Ford Hospital: मरीज को लंबे समय से पेट में तेज दर्द की शिकायत थी. परेशानी बढ़ने पर वह फोर्ड हॉस्पिटल पहुंची, जहां अल्ट्रासाउंड जांच में पित्त की नली में स्टोन पाए गए. गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. राम किशोर सिंह के नेतृत्व में ईआरसीपी विधि से मरीज का इलाज किया गया. इस प्रक्रिया में शरीर के ऊपरी हिस्से में बिना कोई चीरा लगाए मुंह के रास्ते दूरबीन डाली गई और पित्त की नली में छोटा सा कट लगाकर स्टोन को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया.
डॉ. सिंह ने बताया कि करीब 45 मिनट में यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया. उन्होंने बताया कि मरीज का चार साल पहले दिल के छेद को बंद करने का ऑपरेशन हो चुका था और गॉलब्लैडर की सर्जरी भी हुई थी, जिससे यह मामला काफी जटिल था. फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और ऑपरेशन के अगले दिन ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.
उन्होंने बताया कि ईआरसीपी के जरिए पहले की अपेक्षा अब अधिक ऑपरेशन किए जा रहे हैं. इसमें शरीर के ऊपरी हिस्से में चीरा नहीं लगता, जिसके कारण कोई घाव या अत्यधिक ब्लड लॉस नहीं होता है.
