Patna Minor girls missing: नेउरा थाना क्षेत्र से एक साथ पांच नाबालिग बच्चियों के लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित की. तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने महज चार घंटे के अंदर पांचों बच्चियों को बिहटा थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया. बच्चियों के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.
घर से निकलने के बाद नहीं लौटीं बच्चियां
पुलिस के अनुसार, नौ सितंबर की शाम पांचों बच्चियां अपने-अपने घर से बिना परिजनों को सूचना दिये निकल गयी थीं. देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने अपने स्तर से उनकी तलाश शुरू की. काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने नेउरा थाने में लिखित शिकायत दी. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
एसआइटी ने शुरू की छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देशन में एसडीपीओ दानापुर-02 अमरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गयी. टीम में नेउरा और बिहटा थाने की पुलिस के साथ जिला सूचना इकाई (डीआइयू) की टीम को शामिल किया गया. पुलिस ने गुप्त सूचना के साथ तकनीकी व वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर बच्चियों की तलाश शुरू की. अनुसंधान के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने बिहटा थाना क्षेत्र में एक निजी मकान में छापेमारी की, जहां से पांचों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया.
प्रेम-प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ युवकों के संपर्क में होने और प्रेम-प्रसंग से जुड़ा संभावित एंगल भी सामने आया है. हालांकि, पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्चियां घर से निकलने के बाद किसके संपर्क में थीं और उन्हें बिहटा के निजी मकान में किस परिस्थिति में रखा गया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में बच्चियों के घर से एक दिन पहले निकलने के पीछे किसी योजना की संभावना की भी जांच की जा रही है. पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है.
चार घंटे में बरामदगी से परिजनों ने ली राहत की सांस
पांचों बच्चियों की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली. पुलिस का कहना है कि नाबालिगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है. मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
बरामदगी अभियान में नेउरा थानाध्यक्ष जगदीप राणा, पुलिस अवर निरीक्षक अभय कुमार व प्रियंका सिंह, बिहटा के सहायक अवर निरीक्षक सुरेंद्र राम, नेउरा के पीटीसी अजीत कुमार पाल तथा डीआइयू (पश्चिमी) की टीम शामिल रही.
