शिक्षकों के लिए डिजिटल तकनीक की समझ जरूरी

आज के शैक्षणिक परिदृश्य में परंपरागत पढ़ाने की पद्धतियां अब पर्याप्त नहीं रह गयी हैं. शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स का ज्ञान होना अब समय की मांग बन गया है

-एकेयू में गुरु दक्षता कार्यक्रम

पटना.

आज के शैक्षणिक परिदृश्य में परंपरागत पढ़ाने की पद्धतियां अब पर्याप्त नहीं रह गयी हैं. शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स का ज्ञान होना अब समय की मांग बन गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केंद्र द्वारा पांच दिवसीय गुरु दक्षता कार्यक्रम (फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम – एफडीपी) की शुरुआत बुधवार को ऑनलाइन माध्यम से की गयी. एफडीपी का विषय है ‘डिजिटल टूल्स फॉर एजुकेटर्स’, जो 29 अप्रैल तक चलेगा. कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल माध्यमों से अध्यापन और शोध में दक्ष बनाना है. एफडीपी का यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ शरद कुमार यादव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. डॉ मनीषा प्रकाश (अकादमिक प्रभारी एवं कार्यक्रम संयोजक) ने उद्घाटन सत्र में कहा कि बिना तकनीक के ज्ञान का प्रभावी संप्रेषण संभव नहीं. आज अध्यापन और शोध-दोनों क्षेत्रों में डिजिटल टूल्स अनिवार्य हो गये हैं. एफडीपी के पहले दिन डिजीफोक्सलैब्स प्रा लि के वरिष्ठ प्रशिक्षक मुकुट शर्मा ने प्रतिभागियों को गूगल क्लासरूम और मूडल क्लाउड के इस्तेमाल की जानकारी दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anurag pradhan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >