आइआइटी पटना और मार्केट्स वर्ल्ड ने मिलकर लांच किया देश का पहला नैनोस्ट्रक्चर्ड थर्मल इंटरफेस हब

फिस्ट, आइआइटी पटना और मार्केट्स वर्ल्ड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ है.

संवाददाता, पटना

बिहार ने देश के डीपटेक युग की शुरुआत करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. फिस्ट, आइआइटी पटना और मार्केट्स वर्ल्ड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ है. जिसके तहत बिहार में देश का पहला नैनोस्ट्रक्चर्ड मेटेलिक थर्मल इंटरफेस हब स्थापित किया जायेगा. यह हब उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और थर्मल प्रबंधन तकनीक के क्षेत्र में अनुसंधान और निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा. इससे बिहार में नवाचार, शोध और उच्च स्तरीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा. यह केंद्र इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में आने वाली तकनीकी चुनौतियों को दूर करने में मदद करेगा. साथ ही बिहार को देश में उन्नत टेक्नोलॉजी और अनुसंधान का नया हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

आइआइटी पटना बनेगा इनोवेशन का केंद्र

यह हब आइआइटी पटना के फिस्ट केंद्र में स्थापित किया जायेगा, जो डीपटेक रिसर्च और इंडस्ट्री से जुड़ी नयी खोजों को आगे बढ़ायेगा. इससे राज्य में उच्च कौशल वाले युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा.

साझेदारी से खुले नये अवसर

यह साझेदारी शिक्षा और उद्योग के सहयोग की मिसाल बनेगी. फिस्ट आइआइटी पटना की अनुसंधान क्षमता और मार्केट्स वर्ल्ड की तकनीकी विशेषज्ञता मिलकर भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में नयी ऊर्जा भरेंगी. यह केंद्र स्टार्टअप्स और नयी कंपनियों के लिए भी तकनीकी विकास और प्रशिक्षण के अवसर देगा. आइआइटी पटना के निदेशक प्रो टीएन सिंह ने कहा यह पहल बिहार के आत्मविश्वास और भारत के डीपटेक परिवर्तन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है. आइआइटी पटना को इस मिशन का केंद्र बनने पर गर्व है. आइआइटी पटना एसोसिएट डीन डॉ अनुप कुमार केशरी ने कहा यह सहयोग बिहार को डीपटेक इनोवेशन का उत्कृष्ट केंद्र बनायेगा और छात्रों को उद्योग से सीधे जुड़ने का मौका देगा. फिस्ट के सीइओ डॉ प्रवीण कुमार ने कहा कि यह समझौता बिहार में तकनीकी स्टार्टअप्स के लिए नये अवसर खोलेगा और उद्योगों के लिए उन्नत सामग्री समाधान प्रदान करेगा. मार्केट्स वर्ल्ड के संस्थापक राजीव सिंह ने कहा कि यह एमओयू विज्ञान और नवाचार का उत्सव है. फिस्ट और आइआइटी पटना के साथ मिलकर हम बिहार और भारत को सामग्री नवाचार में अग्रणी बना रहे हैं. यह समझौता भारत के स्वदेशी तकनीक, ऊर्जा दक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है.

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Published by: Anurag pradhan

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