प्रतिनिधि, पटना सिटी बाइपास थाना के करमलीचक धवलपुरा में एनएच 30 के समीप शनिवार को तड़के प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति, रॉ मेटेरियल और उपकरण समेत अन्य सामान जल गये. फैक्ट्री में प्लास्टिक की कुर्सियां बनायी जाती थी. यहां दर्जनों मजदूर काम करते थे. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जतायी जा रही है . स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार की सुबह धुएं का गुबार आसमान में फैल गया और फिर आग की लपटें तेज हो गयी. प्लास्टिक जलने के कारण काफी दूर से ही काला धुआं दिखने लगा, जिससे अफरातफरी मच गयी थी. इसी बीच सूचना पाकर मौके पर बाइपास थाना और फायर ब्रिगेड की यूनिट एक-एक कर पहुंचने लगी. लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक फायर ब्रिगेड की यूनिट मौके पर पहुंची. इसके बाद काफी मशक्कत कर आग को बुझाया. एसडीओ सत्यम सहाय भी घटना स्थल पर पहुंचे. एसडीओ ने बताया कि प्लास्टिक फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है. मामले में जांच पड़ताल होगी. पीड़ित के अनुसार नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है. जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडे ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पटना सिटी फायर स्टेशन के अलावा कंकड़बाग, लोदीपुर दानापुर, फुलवारी फायर स्टेशन से फायर यूनिट पहुंच गयी और आग पर काबू पाया गया. फायर अफसर पटना सिटी गयानंद सिंह ने बताया कि सिटी फायर स्टेशन से आगलगी की सूचना मिलने के बाद पांच बड़ी, एक एमटी और बाइक यूनिट के साथ अन्य स्टेशन की फायर यूनिट पहुंची. फायर कर्मियों व पीड़ित ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय फैक्ट्री बंद थी. हालांकि कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में कुछ श्रमिक थे, जो सुरक्षित बाहर निकल गये थे. पहली से तीन मंजिल तक पहुंची आग स्थानीय लोगों ने बताया कि आग पहली मंजिल से शुरू होकर तीन मंजिल तक पहुंच गयी. आग की भयावहता को देखते हुए लोदीपुर पटना से हाइड्रोलिक मशीन मंगवायी गयी. फायर ब्रिगेड के जवानों को आग बुझाने में चार घंटे से अधिक का समय लगा. बताया जाता है कि विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज नामक इस प्लास्टिक फैक्ट्री में कुर्सियां बनायी जाती थी. प्लास्टिक फैक्ट्री में दर्जनों मजदूर काम करते थे, हालांकि राहत की बात यह है कि अगलगी की इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ. पीड़ित संजीव मेहता ने फायर ब्रिगेड को लिखित जानकारी देते हुए कहा है कि अगलगी की घटना में फैक्ट्री में रखे सामान जल गये हैं. घटना में प्लास्टिक दाना, कच्च माल, बना हुआ प्लास्टिक सामान व मशीन समेत लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है.
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