बिहार में फिल्म उद्योग को मिल रही नयी गति

बिहार सरकार की नयी फिल्म प्रोत्साहन नीति राज्य में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में क्रांति ला रही है. इस नीति के तहत, बिहार में हिंदी फिल्म निर्माता अब अपनी फिल्मों की शूटिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं, और इसका ताजा उदाहरण फिल्म ‘टिया’ है.

– राज्य में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में क्रांति ला रही फिल्म प्रोत्साहन नीति – स्थानीय योगदान से फिल्म उद्योग और रोजगार को मिल रहा है बल – बिहार सरकार की फिल्म नीति से पर्यटन को मिलेगा नया प्रोत्साहन लाइफ रिपोर्टर@पटना बिहार सरकार की नयी फिल्म प्रोत्साहन नीति राज्य में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में क्रांति ला रही है. इस नीति के तहत, बिहार में हिंदी फिल्म निर्माता अब अपनी फिल्मों की शूटिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं, और इसका ताजा उदाहरण फिल्म ‘टिया’ है. राव देवेंद्र सिंह द्वारा निर्देशित यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म पूरी तरह से बिहार में शूट की जा रही है, जिसमें ”द कश्मीर फाइल्स” के अभिनेता दर्शन कुमार और अभिनेत्री आंचल सिंह प्रमुख भूमिका में हैं. फिल्म की शूटिंग वाल्मीकिनगर से शुरू होकर अब राजधानी पटना में चल रही है, और इसे 20 जून तक पूरा किए जाने की उम्मीद है. फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने राज्य सरकार की इस नीति की सराहना करते हुए बताया कि उन्हें न केवल सरकारी सहयोग प्राप्त हुआ, बल्कि स्थानीय समुदाय से भी भरपूर समर्थन मिला. यह नीति राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहित करने में भी सहायक साबित हो रही है. ……… रोजगार के भी बढ़ेंगे ढेरों अवसर फिल्म के सेट के लिए बिहार के घोटवा टोला में एक स्थायी सेट तैयार किया गया है, जहां स्थानीय लोगों ने जमीन निःशुल्क दी और जीविका दीदियों ने टीम को भोजन मुहैया कराया. इसने स्थानीय रोजगार को भी मजबूती दी. …… ‘ओ माय डॉग’ की शूटिंग भी पटना में हुई फिल्म शूटिंग से पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिल रहा है, जैसे पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘ओ माय डॉग’ की शूटिंग भी पटना में हुई थी. इसके अलावा, राज्य सरकार डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल का आयोजन भी करने जा रही है, जो फिल्म उद्योग को और बढ़ावा देगा. ……… फिल्म ‘टिया’ की पूरी शूटिंग बिहार में होना राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है. यह देखकर प्रसन्नता होती है कि फिल्म निर्माता अब बिहार की संस्कृति, लोकेशंस और स्थानीय प्रतिभाओं को गंभीरता से ले रहे हैं. मैं व्यक्तिगत रूप से यही कामना करता हूं कि बिहार में इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां लगातार बढ़ें. – प्रणव कुमार, सचिव, कला, संस्कृति और युवा विभाग

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: MANISH LIFE

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >