सेल्फी से बनेगा और एक्टिव होगा UAN, EPFO ने शुरू की फेस आइडी सुविधा

EPFO News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी पर आधारित नई डिजिटल सुविधा शुरू की है. इसके तहत कर्मचारी केवल एक सेल्फी के जरिए अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) खुद जनरेट और तुरंत एक्टिवेट कर सकेंगे.

EPFO News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने डिजिटल सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT ) पर आधारित नयी सुविधा शुरू की है. इसके तहत अब कर्मचारी सिर्फ एक सेल्फी लेकर अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN ) खुद जनरेट और उसी समय एक्टिवेट कर सकेंगे. इस बात की जानकारी इपीएफओ के रीजनल कमिश्नर हेमंत कुमार ने दी.

क्या-क्या सुविधा मिलेगी

रीजनल कमिश्नर हेमंत कुमार ने बताया कि अब तक यूएएन बनवाने के लिए कर्मचारियों को अपनी कंपनी पर निर्भर रहना पड़ता था. कई बार इसमें देरी, गलत जानकारी दर्ज होने और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने जैसी समस्याएं सामने आती थीं. इन दिक्कतों को दूर करने के लिए इपीएफओ ने सेल्फ-यूएएन जनरेशन की सुविधा शुरू की है, जिससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और पूरी तरह उपयोगकर्ता-अनुकूल हो गई है.

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खुद एक्टिव हो जायेगा UAN

कुमार ने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपने आधार से जुड़े फेस-आइडी के जरिए यूएएन बना सकते हैं. इसमें कंपनी की किसी भूमिका की आवश्यकता नहीं होगी. यूएएन जनरेट होते ही वह खुद एक्टिव भी हो जाएगा, जिससे पीएफ खाते से जुड़ी सेवाएं तुरंत उपलब्ध हो सकेंगी.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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