बिहार में नामांकन घटा, 20 जिलों में 10% से अधिक की गिरावट

बिहार में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के प्रारंभिक आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है.

सरकारी विद्यालयों में 5.44 लाख छात्रों की कमी, पहली कक्षा में सबसे ज्यादा असर

– राज्य के 2832 विद्यालयों में पहली कक्षा में एक भी नामांकन नहीं

संवाददाता, पटना

बिहार में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के प्रारंभिक आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. बीते शैक्षणिक सत्र 2024-25 की तुलना में इस बार कुल 5,44,729 छात्रों की कमी आयी है. राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सभी जिलों को भेजे गये पत्र में बताया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक नामांकन की समीक्षा की गयी, जिसमें कई जिलों की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. आंकड़ों के अनुसार करीब 20 जिलों में नामांकन 10 प्रतिशत से अधिक घटा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 में कुल एक करोड़ 70 लाख 56 हजार 193 बच्चे विभिन्न कक्षाएं नामांकित किये गये. इसकी तुलना में वर्ष 2025-26 में पांच लाख, 44 हजार 729 बच्चों का कम नामांकन हुआ. वर्ष 2025-26 में कुल एक करोड़ 65 लाख छह हजार 771 बच्चों का नामांकन हुआ है. नामांकन का यह आंकड़ा एक जनवरी 2026 तक का है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 जिले में जिसमें सुपौल, सीतामढ़ी, अरवल, सीवान, भोजपुर, अररिया, दरभंगा, बेगुसराय, नालंदा, नवादा, शिवहर, गया, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, सारण, मुंगेर, किशनगंज, लखीसराय और गोपालगंज में तीन से 10 प्रतिशत तक तीन से 10 प्रतिशत तक यू-डायस पोर्टल पर पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रविष्ट की गयी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की कम प्रविष्ट पर शिक्षा मंत्रालय ने नाराजगी व्यक्त की है. अधिकारियों ने कहा कि 2024-25 में बहुत सारे स्कूलों में दोहरे नामांकन का मामला सामने आया था. जब बच्चों के नामांकन का आधार कार्ड से मिलान किया गया तो बहुत सारे बच्चों का नामांकन कट गया. 2025-26 में फर्जी नामांकन पर रोक लगायी गयी है इसके कारण नामांकन घट गया है.

पहली कक्षा में सबसे अधिक गिरावट

जिला-स्तरीय समीक्षा में यह सामने आया है कि प्रारंभिक कक्षाओं में नामांकन का संकट सबसे गहरा है. पहली कक्षा में 2,832 विद्यालयों में शून्य नामांकन दर्ज किया गया है. वहीं, छठी कक्षा में 663 विद्यालय, नौवीं कक्षा में 219 विद्यालय, 11वीं में 184 विद्यालयों में नामांकन शून्य रहा है. पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूल मिलाकर लगभग 11 लाख बच्चे नामांकित हैं. यू-डायस की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई बड़े जिलों में भी नामांकन घटा है. पटना में 15,133 छात्रों की कमी दर्ज की गयी है. गोपालगंज में 40573, सारण में 39083, नवादा में 20862, मधुबनी में 34275, गया में 28724, पूर्वी चंपारण में छात्रों की गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य का कुल नामांकन प्रतिशत 96.81% ही रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है.

केंद्र सरकार ने जतायी नाराजगी

जीइआर (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो) और एनइआर (नेट एनरोलमेंट रेशियो) में गिरावट को लेकर केंद्र सरकार ने भी असंतोष जताया है. इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय एवं छात्रवार नामांकन की गहन समीक्षा कर 10 जनवरी तक शत-प्रतिशत यूडायस पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें.

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Author: ANURAG PRADHAN

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