इंजीनियर आत्महत्या मामले में बीडीओ साला, पत्नी सहित पांच अभियुक्तों को सश्रम कारावास और लगा जुर्माना

इंजीनियर के आत्महत्या मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश --25 छेदी राम की अदालत ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, पत्नी सहित पांच अभियुक्तों को तीन तीन वर्ष का सश्रम कारावास व दस -दस हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्तों को छह -छह माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा. मामले के अभियुक्त मृतक की पत्नी प्रीति, श्वसुर दिलीप कुमार सिंह, साला प्रियरंजन कुमार सिंह, मौसेरा साला प्रशांत कुमार और बीडीओ संजय कुमार सिंह है

न्यायालय संवाददाता, पटना इंजीनियर के आत्महत्या मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश –25 छेदी राम की अदालत ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, पत्नी सहित पांच अभियुक्तों को तीन तीन वर्ष का सश्रम कारावास व दस -दस हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्तों को छह -छह माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा. मामले के अभियुक्त मृतक की पत्नी प्रीति, श्वसुर दिलीप कुमार सिंह, साला प्रियरंजन कुमार सिंह, मौसेरा साला प्रशांत कुमार और बीडीओ संजय कुमार सिंह है. मामले के विशेष अपर लोक अभियोजक सुधीर कुमार सिन्हा ने बताया कि मामला पत्रकार नगर थाना कांड संख्या 223/2012 से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि मामले के अभियुक्त संजय कुमार सिंह वर्तमान में आरा में प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। सभी अभियुक्त महेंद्रू के रहने वाले है. मामले के परिवादी डा. विकास कुमार सिंह है. विकास के भाई मृतक विशाल कुमार सिंह एक सीमेंट कंपनी में अभियंता के पद पर कार्यरत थे. विशाल कुमार सिंह की शादी प्रीति से 26 नवंबर 2011 को हुई थी. शादी के बाद प्रीति विशाल के साथ रहना नहीं चाहती थी। शादी के तुरंत बाद से ही पत्नी और ससुराल वाले विशाल को प्रताड़ित करने लगे। ससुराल वालों से मानसिक रूप से प्रताड़ित और तंग होकर विशाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था. विशाल ने फांसी लगाने से पूर्व एक 13 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें पत्नी और ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित करने का सिलसिलेवार जिक्र था. इस मामले में मृतक के भाई डा. विकास कुमार सिंह ने 7 सितंबर 2012 को मामला दर्ज कराया था. इस मामले में अभियोजन ने कुल आठ लोगों ने गवाही करवाई. अदालत ने इस मामले सभी अभियुक्तों को भादवि की धारा 306 मे दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा दिया.

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