Endoscopy Treatment: राजधानी पटना में आयोजित ‘एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया’ के वार्षिक सम्मेलन (एपीकॉन-2026) में देश-विदेश के लगभग 10 हजार डॉक्टर भाग ले रहे हैं. सम्मेलन में वे नवीनतम शोध और चिकित्सा पद्धतियों पर विमर्श करेंगे. गुरुवार की सीएम नीतीश कुमार ने इस चार दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया.
सम्मेलन में आये एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (हैदराबाद) के चेयरमैन पद्म विभूषण डॉ डी नागेश्वर रेड्डी (Dr D Nageshwar Reddy) से प्रभात खबर ने विशेष बातचीत की. उन्होंने बताया कि लिवर, पेट और आंत के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं. अब एंडोस्कोपी केवल जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कैंसर को अर्ली स्टेज में पकड़ा जा सकता है. नई तकनीक से गॉल ब्लेडर के स्टोन और शुरुआती कैंसर को बिना चीर-फाड़ (बिना सर्जरी) निकाला जा सकता है, जिससे जटिल इलाज सुगम हो गया है. इसमें गॉलब्लॉडर निकालने की जरूरत नहीं होती.
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Q. मेटाबॉलिक एंडोस्कोपिक से कौन-कौन सी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है?
– इससे डायबिटीज को ठीक किया जा सकता है. भारत में करीब 75 मिलियन डायबिटीज के मरीज हैं. एंडोस्कोपी से इस फैक्टर को निकाल कर देखने से मिल रहा है कि 80 से 90 प्रतिशत मरीजों में डायबिटीज खत्म हो जा रहा है. मेटाबॉलिक एंडोस्कोपी से इलाज के बाद इंसुलिन की जरूरत नहीं पड़ रही है. जिन्हें डायबिटीज होता है, उनमें मेटाबॉलिक सिंड्रोम हो जाता है. मतलब लीवर में चर्बी हो जाती है.
Q. मेटाबॉलिक एंडोस्कोपी क्या है और इससे इलाज कितना कारगर है?
– मेटाबॉलिक सिंड्रोम अभी देश में नई तकनीक आ चुकी है, जिससे हम पूरी तरह से जीन का एनालिसिस कर सकते हैं. इसे होल जीन एनालिसिस कहते हैं. इससे बच्चे के जीन की जांच कर बताया जा सकता है कि उसे 30 साल या 40 साल बाद डायबिटीज या मेटाबोलिक सिंड्रोम होगा या नहीं. यह नई टेक्नोलॉजी रोबोटिक एंडोस्कोपी है, जिससे 5 से सात मिनट में बड़ा ऑपरेशन संभव, दूसरे दिन ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी जाती है.
Q. एंडोस्कोपी से पेट की जटिल सर्जरी संभव है, यह सामान्य सर्जरी की तुलना में कितना बेहतर है?
– एंडोस्कोपी टेक्नोलॉजी की शुरुआत करीब 50 साल पहले ही जापान या जर्मनी में हुई थी, तब एंडोस्कोपिक ट्यूब को मुंह या रेक्टम में डालकर जांच की जाती थी कि कैंसर है या अल्सर. लेकिन, अब इसी तकनीक से थेरेपेटिक पार्ट भी कर सकते हैं. एंडोस्कोपी से पहले ही बिना काटे निकाला जा सकता है.
Q. आप देश के पहले डॉक्टर हैं, जिन्होंने रोबोटिक एंडोस्कोपी शुरू की है, यह कितना कारगर है?
– रोबोटिक एंडोस्कोपी की शुरुआत मैंने करीब आठ साल पहले की थी. इस विधि से 5 मिनट में बड़े से बड़े ऑपरेशन किए जा सकते हैं. ओपन सर्जरी में पेट को खोलना पड़ताहै. रोबोटिक सर्जरी की सफलता का दर 90% से ज्यादा है. इसमें मरीज को उसी दिन या अगले दिन छुट्टी दे दी जाती है.
Q. लीवर कैंसर इतना तेजी से क्यों फैल रहा है और क्या-क्या प्रमुख वजह हैं?
– लीवर कैंसर के तीन प्रमुख कारण है, जिसमें पहला कारण शराब का अत्यधिक सेवन, दूसरा वायरस का प्रभाव (हेपिटाइटिस बी/सी) और तीसरा फैटी लीवर डिजीजहै. इसमें लीवर में फैट जमा हो जाता है और यह भी कैंसर का प्रमुख कारण होता है.
