Elevated Railway Track: बिहार में अब बुलेट ट्रेन की रफ्तार भी देखने के लिए मिलेगी. पटना होते हुए वाराणसी से सिलीगुड़ी तक जाने वाली बुलेट ट्रेन एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी. इसके लिए पटना सहित बिहार के 11 से अधिक जिलों में करीब 500 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक कॉरिडोर बनेगा. मुंबई-अहमदाबाद के तर्ज पर बिहार में भी बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी है.
DPR तैयार करने का दिया निर्देश
जानकारी के मुताबिक, कॉरिडोर का 85 प्रतिशत से अधिक का हिस्सा एलिवेटेड होगा. डीपीआर तैयार करने का निर्देश पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर समेत अलग-अलग मंडलों को दिया गया है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से डीपीआर तैयार करने के लिए दो या तीन महीने में एजेंसी का चयन किया जायेगा. इसके बाद सर्वे करके डीपीआर तैयार करने के लिए एनएचआरसीएल और एजेंसी के बीच एग्रीमेंट होगा. एग्रीमेंट के बाद काम शुरू होगा.
पांच साल में ट्रेन चलाने का लक्ष्य
सूत्रों की माने तो, तैयार डीपीआर पर मुहर लगने के बाद अगले पांच साल में बिहार से बुलेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा जाएगा. इसके लिए वाराणसी से डीडीयू, आरा, बक्सर, पटना और अन्य स्टेशनों तक एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण होगा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड ट्रैक के लिए जमीन अधिग्रहण की कम जरूरत पड़ेगी. साथ ही रेलवे की जमीन के अलावा अगर जरूरत पड़ती है, तो पटना, आरा, बक्सर में जमीन चिह्नित की जाएगी.
रेल मंत्री ने क्या बताया?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पटना के रास्ते वाराणसी सिलीगुड़ी के साथ-साथ मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी कुल सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे. इससे शहरों के बीच यात्रा के समय में कमी आएगी. उन्होंने कहा कि बिहार में 14 जोड़ी वंदे भारत और 21 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं. पटना और जयनगर के बीच नमो भारत एक्सप्रेस भी चलाई जा रही है.
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