Benipatti Vidhan Sabha Election Express

Election Express: मधुबनी के बेनीपट्टी में बंद हो चुके कुटीर उद्योग को लोगों ने किया याद, फिर से चालू करने की जोरदार मांग

Election Express: प्रभात खबर इलेक्शन एक्सप्रेस बेनीपट्टी पहुंची, जहां चौपाल में जनता व नेताओं ने विकास और समस्याओं पर चर्चा की. कपसिया में कुटीर उद्योग दोबारा शुरू करने, एनजीओ लोन वसूली की दिक्कतें और मधुबनी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग लोगों ने जोर-शोर से उठाई. पढ़ें पूरी खबर…

Election Express: प्रभात खबर इलेक्शन एक्सप्रेस की टीम मंगलवार को बेनीपट्टी विधानसभा में पहुंची. हमारी टीम ने बेनीपट्टी के कलुआही, लोहा, अरेड, बेनीपट्टी बसैठ जैसे अलग-अलग चौराहों पर लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं, उनके क्षेत्र में हुए विकास कार्य को जाना. शाम को लीलाधर हाइस्कूल कैंपस में चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें बेनीपट्टी की तमाम जनता और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए. इस दौरान लोगों ने खुल कर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की. 

कपसिया में कुटिर उद्योग फिर से हो चालू

भाजपा के मदन कर्ण और रणधीर ठाकुर ने कहा कि हर ओर विकास का काम हो रहा है. हम विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं. वहीं जनसुराज के मनीष कुमार झा और AAP की सुवदा यादव ने कहा कि कई क्षेत्रों में अभी विकास की अधूरा है. मनीष कुमार ने कपसिया में बंद हो चुके कुटीर उद्योग को चालू करने की मांग की. वहीं, लोगों ने भी कपसिया में फिर से कुटीर उद्योग चालू करने की मांग की ताकि रोजगार की तलाश में हो रहे पलायन पर रोक लग सके.

लोन के जाल में कितने गरीब बर्बाद

प्रभात खबर इलेक्शन एक्सप्रेस की टीम ने अलग-अलग चौराहों पर जाकर लोगों से भी बात की. इस दौरान लोहा चौक के स्थानीय लोगों ने गांव व कस्बों में एनजीओ की ओर से दिये जा रहे लोन से हो रही परेशानी को सामने रखा. लोगों ने कहा कि यहां के गरीब व भोली-भाली जनता को लोन दिया जाता है. फिर वसूली के नाम पर उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जाता है. कई बार लोन लेने वाले लोगों का बर्तन तक उठा लिया जाता है. लोन के चक्कर में सैकड़ों परिवार कंगाल हो गये. कई लोग रोड पर आ चुके हैं. सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है. कोई ठोस कदम उठाना चाहिए. 

विकास केवल झंझारपुर में दिखता है

वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि मधुबनी जिले में विकास केवल झंझारपुर में ही दिखता है, केंद्रीय विद्यालय भी खुलने की चर्चा है, उसकी बात भी झंझारपुर में खुलने की हो रही है. यह क्षेत्र के साथ अन्याय होगा. हर हाल में मधुबनी में ही केंद्रीय विद्यालय खुलना चाहिए.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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