535 करोड़ का कटा इ-चालान, 30% से भी कम हुई वसूली

अपर पुलिस महानिदेशक यातायात सुधांशु कुमार ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि बिहार में नवम्बर 2023 से मैनुअल चालान की प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी गयी है.

संवाददाता, पटना

अपर पुलिस महानिदेशक यातायात सुधांशु कुमार ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि बिहार में नवम्बर 2023 से मैनुअल चालान की प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी गयी है. अब चालान केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ही काटे जा रहे हैं. अब तक करीब 1.74 करोड़ वाहनों पर इ-चालान काटा जा चुका है जिसमें 535 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि अधिरोपित की गई है. हालांकि चालानों की 30% से भी कम राशि वसूल हो पायी है. इ-चालान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए केवल बॉडी वॉर्न कैमरा और डैशबोर्ड कैमरा से रिकॉर्ड किए गए साक्ष्य के आधार पर ही चालान काटा जाएगा. फोटो लेकर चालान करने की प्रक्रिया समाप्त कर दी गयी है.

निगरानी के लिए डैशबोर्ड और लाइसेंस प्लेट पहचान प्रणाली : राज्य और जिला स्तर पर चालान की निगरानी के लिए डैशबोर्ड बनाए जा रहे हैं. बॉडी वॉर्न कैमरा को लाइसेंस प्लेट पहचान प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि प्रत्येक उल्लंघन प्रमाण सहित सुरक्षित किया जा सके. यदि कोई पुलिस कर्मी मोबाइल से फोटो लेकर चालान करता है तो वाहन चालक उसे चुनौती दे सकते हैं.

आपत्ति और अपील की व्यवस्था : वाहन मालिक चालान जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर नामित शिकायत निवारण प्राधिकरण के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कर सकते हैं. वाहन स्वामी को चालान की सूचना मोबाइल, एसएमएस, ई-मेल या डाक से दी जाएगी. मोबाइल नंबर का आधार से लिंक अद्यतन फास्टैग और पीयूसीसी आदि के माध्यम से भी किया जाएगा. स्वचालित कॉल और 30-30 दिन के अंतराल पर स्मरण संदेश भेजे जाएंगे.

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