Durga Puja: पटना में इस बार दिखेंगी बिंदी, रुद्राक्ष और क्रिस्टल से बनी मूर्तियां, जानें लोकेशन और देखें तस्वीरें

Durga Puja: पटना में दुर्गा पूजा की रौनक दिखने लगी है. पूजा समितियां पंडालों और मूर्तियों की सजावट को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटी हैं. बाजारों में पूजा सामग्री, फल, फूल, सजावट के सामान, कपड़े आदि की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है. पटना के विभिन्न क्लबों में इस बार भक्तों को बिंदी, रुद्राक्ष, पंच फोरन, मिश्रित अनाज, दीये की बाती और क्रिस्टल से बनी देवी की मूर्तियां देखने को मिलेंगी शहर में कहां-कहां दिखेंगी ये मूर्तियां, पढ़िए जूही स्मिता की खास रिपोर्ट...

Durga Puja: पटना शहर में मौजूद मूर्तिकार भाईयों की जोड़ी ने इस साल भी नवरात्र में कुछ हटकर प्रतिमा तैयार की है. जीतेंद्र कुमार और उनके छोटे भाई चंदन कुमार ने मिल कर छह तरह की भारत माता की प्रतिमा तैयार की. इसमें उन दोनों ने बिंदी, रुद्राक्ष, पंच फोरन, मिक्स अनाज, दिया की बाती और क्रिस्टल की प्रतिमा तैयार की है. जीतेंद्र बताते हैं कि वे पिछले बारह सालों से इस तरह की यूनिक प्रतिमा हर साल तैयार करते हैं और शहर के विभिन्न क्लब में देते हैं.

षष्ठी को स्थापित की जाएंगी मूर्तियां

प्रतिमाओं के लिए पहले मीटिंग होती है और फिर किस चीज से इस बार मां को बनाना है इस पर बात होती है. एक्सपेरिंमेंट करने के बाद फाइनल मूर्ति किस चीज की बनेगी इसे तय किया जाता है. यह प्रतिमाएं षष्ठी को विभिन्न क्लब के पास स्थापित कर दी जायेगी. मूर्तिकार जीतेंद्र बताते हैं कि प्रतिमा का ढांचा पुआल और पेपर से तैयार किया जाता है. फिर मैदे से बनी लोई की मदद से सारे सामग्री को चिपकाया जाता है. प्रतिमा के चेहरे में आंख और होंठ बनाने के लिए वाटर कलर और ऊन का इस्तेमाल किया गया है.

एक महीने में तैयार होती है प्रतिमाएं

प्रतिमाओं को बनाने में अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल किया गया है. वहीं कुछ का बैकग्राउंड भी अलग तरीके से तैयार किया गया है. बिंदी की प्रतिमा में 50 हजार बिंदियों का इस्तेमाल हुआ है. वहीं बैकग्राउंड में शृंगार की चीजे जैसे आलता, आइना, चुड़ी, कंघी, लटकन आदि है.

  • रुद्राक्ष की प्रतिमा में बड़े और छोटे आकार में 15 किलो का रुद्राक्ष से तैयार किया गया है. इसका बैकग्राउंड रुद्राक्ष का ही बनेगा.
  • पंच फोरन की प्रतिमा में 15 किलो पंचफोरन इस्तेमाल किया गया है. प्रतिमा का चेहरा सरसों के दाने से बनाया गया है. वहीं इसका बैकग्राउंड तेजपत्ता से तैयार किया गया है.
  • मिक्स अनाज की प्रतिमा को दाल, चावल, गेहूं, राजमा और बादाम से तैयार किया गया है. 15 किलों के मिक्स अनाज से इसे तैयार किया गया है.
  • दिया की बाती से बनी प्रतिमा में छोटे गोल और लंबे वाले रुई की बत्तियों से तैयार किय गया है. छोटी गोल बत्ती 5000 पीस और लंबी बत्ती 2000 पीस. इसके बैग्राउंड में रुई से दिया बनाया जायेगा.
  • क्रिस्टल की प्रतिमा है जिसमें तीन बड़े मालाओं का इस्तेमाल हुआ है. सभी प्रतिमाओं को बनाने में एक महीने का वक्त लगा.

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इन जगहों पर दिखेगी प्रतिमाएं

  • बिंदी मूर्ति-जय हिंद क्लब, मुसल्लहपुर
  • रुद्राक्ष मूर्ति – न्यू आर्य एथलेटिक क्लब, अमरूदी गली
  • पंचफोरन मूर्ति- यूथ इंडियन क्लब, भंवर पोखर
  • मिक्स अनाज मूर्ति- एकता क्लब, बायपास नयाचक
  • दिया की बाती मूर्ति- न्यू आजाद हिंद क्लब, मुसल्लहपुर
  • क्रिस्टल मूर्ति- एएमबीसी क्लब, अमरूदी महल्ला

देखें तस्वीरें

रुद्राक्ष की मूर्ति बनाते मूर्तिकार
पंचफोरन
क्रिस्टल
रुद्राक्ष
बिंदी
मिक्स अनाज
रुई का

Photo Credit: Saroj

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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