Durga Puja Bihar: बिना लाइसेंस बिहार में मूर्ति विसर्जन की परमिशन नहीं, लाउडस्पीकर से पड़ोसी हुए परेशान तो आयेगी पुलिस

Durga Puja Bihar: इस बार दुर्गा पूजा को लेकर सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से बेहद कड़े नियम लागू कर दिये गए हैं. बिना लाइसेंस ना तो पूजा पंडाल बनेंगे और ना ही मूर्ति विसर्जन की परमिशन होगी. इसके साथ ही लाउडस्पीकर बजाने से अगर पड़ोसी परेशान हुए तो शिकायत पर पुलिस भी पहुंच सकती है.

Durga Puja Bihar: आज सप्तमी के दिन दुर्गा मां के पट खुल जायेंगे. सड़कों पर भीड़भाड़ भी काफी देखी जायेगी. हालांकि, इस बार पहले ही सरकार और प्रशासन की तरफ से सख्त और कड़े नियम लागू किये गए. किसी तरह की अनहोनी ना हो और शांतिपूर्ण तरीके से पूजा संपन्न हो, इसे लेकर चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

पुलिस मुख्यालय ने जारी किया आदेश

जगह-जगह देवी-देवताओं के पंडाल सजाए गए हैं और भक्ति-भजन की आवाज गूंज रही है. लेकिन पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि डीजे बजाना प्रतिबंधित है. पंडालों में लाउडस्पीकर की आवाज केवल निर्धारित डेसिबल सीमा तक ही रहेगी और रात 10 बजे के बाद कोई भी लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं है. लाउडस्पीकर के शोर से किसी को परेशान किया तो शिकायत पर पुलिस कार्रवाई करेगी. इन मामलों में तीन साल तक की जेल हो सकती है.

पड़ोसी की शिकायत पर पहुंचेगी पुलिस

दरअसल, लाउडस्पीकर की तेज आवाज से मरीजों और छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को निर्देश दिये हैं कि वह नियम के अनुसार कार्रवाई करें. अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने बताया कि यदि किसी पंडाल या कार्यक्रम से लाउडस्पीकर की आवाज पड़ोसी के घर तक जाती है और शिकायत दर्ज होती है, तो पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचेगी और कार्रवाई करेगी.

बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस

बिहार में दुर्गा पूजा त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई है. इस बार विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं. इसके मद्देनजर दुर्गा पूजा समेत आने वाले सभी पर्व-त्योहारों में चौकसी चाक-चौबंद कर दी गई है. दुर्गा पूजा में बिना लाइसेंस के कोई भी मूर्ति विसर्जन नहीं होगी. किसी तरह का जुलूस भी बिना लाइसेंस के नहीं निकाला जायेगा.

इस साल 16 हजार प्रतिमाएं हो रही स्थापित

इसके साथ ही सभी जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गयी है. सभी पूजा-पंडालों को लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है. बिहार में पिछले कुछ साल से औसतन 15 से 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं. इस साल करीब 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित की गई.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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