डिजिटल इम्प्लांट टेक्नोलॉजी दंत चिकित्सा को कम तकलीफदेह बनाने में मददगार हो रहा

डेंटल एसोसिएशन (आइडीए), पटना शाखा की ओर से एक दिवसीय चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डिजिटल इम्प्लांट टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक मार्गदर्शन विषय पर दंत चिकित्सा की नयी तकनीकों पर चर्चा की गयी.

-डेंटल एसोसिएशन (आइडीए), पटना शाखा की ओर से एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम संवाददाता, पटना. डेंटल एसोसिएशन (आइडीए), पटना शाखा की ओर से एक दिवसीय चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डिजिटल इम्प्लांट टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक मार्गदर्शन विषय पर दंत चिकित्सा की नयी तकनीकों पर चर्चा की गयी. आइडीए पटना शाखा की अध्यक्ष डॉ निमी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित यह कार्यक्रम दंत चिकित्सा से जुड़े चिकित्सों को न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि डिजिटल इम्प्लांटोलॉजी के क्षेत्र में नयी तकनीकों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बना. उन्होंने कहा कि डिजिटल इम्प्लांटोलॉजी थ्रीडी इमेजिंग के माध्यम से प्रत्यारोपण की स्थिति और हड्डी की संरचना का सटीक विश्लेषण करती है, जिससे प्रत्यारोपण की प्लेसमेंट सटीक होती है. इससे समय की बचत और दांत को प्लेसमेंट प्रक्रिया को सरल और कम तकलीफदेह बनाता है. सर्जन डॉ. राहुल शाह ने डिजिटल इम्प्लांटोलॉजी पर सरल एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से चर्चा की और चिकित्सकों को नयी तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया. उनकी प्रस्तुति अत्यंत सहज, समझने योग्य तथा उपयोगी रही, जिसे उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने सराहा. संघ के सचिव डॉ. नील भारत केडिया ने प्रतिभागियों एवं वक्ता की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बताया. कोषाध्यक्ष डॉ. मधुरेश और संयोजक डॉ. इन्द्रजीत शरण ने भी ऐसे आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया. . कार्यक्रम में डॉ. उज्ज्वल चटर्जी, डॉ. अरुणेश, डॉ. संजय, डॉ. प्रभात सहित कई वरिष्ठ मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Durgesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >