Bihar Police: हाईटेक हुई बिहार पुलिस, कोई भी इमरजेंसी हो डायल 112 से 20 मिनट में पहुंचेगी मदद

अब बिहार में किसी तरह की इमरजेंसी होने पर सिर्फ 112 डायल करना होगा और 20 मिनट में मदद पहुंच जाएगी. पहले चरण में 400 गाड़ियों से शुरू होगी योजना जिसे बढ़ाकर बाद में 1200 किया जाना है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 9, 2022 6:45 AM

पटना में किसी आपराधिक घटना के बाद जल्द से जल्द स्पॉट पर पहुंचने के लिए डायल-112 की व्यवस्था जल्द ही शुरू होने जा रही है. इससे संबंधित तमाम तैयारी पूरी हो गयी है और इसका सफल ट्रायल होने के बाद जल्द ही उद्घाटन होने जा रहा है. इस महीने में इसके उद्घाटन होने की संभावना है.

डायल-112 पर किसी समय सहायता प्राप्त की जा सकती है

इस पर मेडिकल से जुड़ी, आग लगने पर यानी फायर ब्रिगेड से जुड़े मामले, किसी दुर्घटना होने पर और अन्य किसी तरह की आपात स्थिति में सिर्फ इस एक नंबर पर कॉल करके किसी भी समय सहायता प्राप्त की जा सकती है. इसके लिए डायल-112 का आपसी समन्वय स्वास्थ्य, फायर ब्रिगेड, परिवहन, समाज कल्याण विभाग से कराया जा रहा है. विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने में आ रही समस्या की वजह से डायल-112 शुरू होने में देरी हो रही है.

गाड़ियों की संख्या बढ़कर की जायेगी 1200

पहले चरण में 400 गाड़ियों के भरोसे इस विशेष सेवा को शुरू किया जा रहा है. इसके बाद आने वाले कुछ वर्षों में इसके अंतर्गत गाड़ियों की संख्या को बढ़ाकर एक हजार 200 करने की योजना है. जब पूरे राज्य में यह सेवा पूरी क्षमता से काम करने लगेगी, तब किसी घटना या आपात स्थिति में पुलिस 20 से 30 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच जायेगी. अभी किसी घटना होने पर उसके पास मौजूद गाड़ी जल्द से जल्द मौके पर पहुंच सकेगी.

इन सुविधाओं से लैस होंगी ये विशेष गाड़ियां

इन विशेष गाड़ियों में वायरलेस कॉम्यूनिकेशन के अलावा जीपीएस, मोबाइल डाटा टर्मिनल समेत अन्य आधुनिक उपकरण लगाये गये हैं. इनकी मदद से गाड़ियों का रीयल-टाइम लोकेशन के अलावा कॉल करने वाले का नंबर और घटना का लोकेशन समेत अन्य सभी जानकारी डिस्प्ले होगी. इसकी मदद से पुलिस वाले घटना स्थल या पीड़ित व्यक्ति को लोकेट करके उन तक पहुंच जायेंगे. कार्रवाई पूरी करने के बाद कॉल सेंटर और संबंधित शिकायतकर्ता के पास मैसेज चला जायेगा. इससे यह स्पष्ट होगा कि किस मामले में क्या कार्रवाई की गयी है. साथ ही इसका फीडबैक भी व्यक्ति से लिया जायेगा.

तीन से चार पुलिस कर्मी होंगे एक गाड़ी पर

प्रत्येक गाड़ी पर चार से पांच पुलिस कर्मी रहेंगे, जिसमें एक दारोगा या जमादार रैंक के पदाधिकारी भी होंगे. किसी सूचना पर यह पूरी यूनिट स्पॉट पर मूव करेगी. सभी गाड़ियों को चलाने के लिए ट्रेंड ड्रायवरों की अलग से भर्ती की गयी है. ये सभी ड्रायवर सेना के रिटायर्ड कर्मी हैं.

तैयार किया गया है कंट्रोल रूम

डायल-112 में शिकायतें प्राप्त करने के लिए और यहां से सभी गाड़ियों को नियंत्रित करने के लिए एक कंट्रोल रूम तैयार किया गया है. इसे अस्थायी तौर पर बेली रोड पर वायरलेस भवन के परिसर में बनाया गया है. 24 घंटे कॉल को रिसीव करने और आगे की कार्रवाई करने के लिए 600 महिला सिपाहियों को अच्छे से ट्रेंड किया गया है. इनकी ड्यूटी तीन शिफ्ट में यहां रहेगी. जब तक इसका अपना भवन तैयार नहीं होता, तब तक यहीं से इसका संचालन होगा.

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