Bihar News: बिहार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और घरेलू हिंसा के मामलों को लेकर पुलिस मुख्यालय अब सख्त नजर आ रहा है. इसी कड़ी में बिहार के DGP विनय कुमार ने ‘घरेलू हिंसा और जेंडर आधारित हिंसा’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने साफ कहा कि पुलिस की वर्दी रौब दिखाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए मिली है.
DGP बोले- वर्दी सेवा के लिए है, धौंस दिखाने के लिए नहीं
कार्यशाला के उद्घाटन के बाद DGP विनय कुमार ने महिला पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर महिला पुलिसकर्मी लोगों से रौब में बात करती हैं, जो गलत है. उन्होंने कहा कि पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता सबसे जरूरी है.
DGP ने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि एक महिला SHO ने गरीब परिवार से 9 हजार रुपये और चार चक्का गाड़ी की मांग की थी. इतना ही नहीं, किराये की गाड़ी लेकर कई दिनों तक घूमती रही. इस पर नाराजगी जताते हुए DGP ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों को वर्दी पहनने का अधिकार नहीं है.
दहेज लेने वाले पुलिसकर्मी बर्खास्त हों
DGP ने दहेज प्रथा पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस में कई जवान और अधिकारी दहेज मामलों में फंसे पाए गए हैं. ऐसे लोगों को नौकरी में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पुलिसकर्मी शादी के बाद दूसरी शादी कर लेते हैं और पहली पत्नी को छोड़ देते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
महिला थाना पुलिसकर्मियों को निर्देश देते हुए DGP ने कहा कि वे सिर्फ थाने तक सीमित न रहें, बल्कि गांव और पंचायत स्तर तक जाकर लोगों को जागरूक करें. उन्होंने कहा कि जेंडर आधारित हिंसा केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि समाज की सोच से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं के खिलाफ अपराध पूरी तरह खत्म नहीं होंगे.
‘पीड़ित महिलाओं के साथ सहानुभूति रखें’
DGP विनय कुमार ने महिला पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे पीड़ित महिलाओं और बच्चियों के साथ सहानुभूति और सम्मान से पेश आएं. उन्होंने कहा कि कई महिलाएं मानसिक रूप से टूटी हुई हालत में थाने पहुंचती हैं. ऐसे समय में पुलिस का व्यवहार ही उनके लिए सबसे बड़ी उम्मीद बनता है.
दोषियों को जल्द सजा दिलाने पर जोर
कार्यशाला में DGP ने कहा कि जेंडर बेस्ड वॉयलेंस से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को जल्द सजा दिलाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार के अलग-अलग जिलों में जागरूकता अभियान और सहयोग शिविर चलाए जाएंगे, ताकि महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके.
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