DCLR Report: राजस्व विभाग की रिपोर्ट में खुला कामकाज का हाल, पटना से सीतामढ़ी तक, जानिए कौन आगे, कौन पीछे

DCLR Report: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मई 2025 के लिए राज्य के 101 डीसीएलआर कार्यालयों की रैंकिंग जारी की है. इसमें पूर्वी चंपारण के चकिया को पहला स्थान मिला है. रैंकिंग अधूरा काम निपटाने, निरीक्षण और योजनाओं की प्रगति के आधार पर तय की गई है.

DCLR Report: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से राज्य के सभी 101 भूमि सुधार उप समाहर्ता (DLCR) कार्यालयों की समीक्षा कर मई माह की रैंकिंग जारी कर दी गई है. जारी की गई रैकिंग के मुताबिक पूर्वी चंपारण का चकिया भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय पहले, शेखपुरा का शेखपुरा भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय दूसरे और मुंगेर का तारापुर भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय तीसरे स्थान पर है.

सुपौल का निर्मली भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय पांचवें से चौथे, अरवल भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय 58वें नंबर से लंबी छलांग लगाते हुए पांचवें नंबर पर आ गया है. दरभंगा का बिरौल डीसीएलआर कार्यालय 12वें से छठे और नालंदा का हिलसा सातवें स्थान पर बरकरार है.

कुछ ऑफिस ने लगाई लंबी छलांग

पटना का पालीगंज नौवें से आठवें, सीतामढ़ी का बेलसंड छठे से खिसककर नौवें तो बेगूसराय दसवें स्थान पर बरकरार है. पूर्वी चंपारण का पकड़ीदयाल 23वें स्थान से लंबी छलांग लगाते हुए 11वें स्थान पर आ गया है. बेगूसराय का तेघड़ा 17वें से 12वें, नालंदा का बिहारशरीफ 26वें से 13वें, जहानाबाद 16वें से 14वें और औरंगाबाद लंबी छलांग लगाते हुए 88वें से 15वें स्थान पर आ गया है.

रैंकिंग का आधार

परिमार्जन प्लस के सुपरविजन पर 15, म्यूटेशन के सुपरविजन पर 15, अंचल कार्यालयों के निरीक्षण पर 10, अभियान बसेरा-2 पर 15, म्यूटेशन अपील पर 15, आधार सीडिंग की स्थिति पर 05, बीएलडीआरए पर 20 अंक निर्धारित किया गया है.

टॉप 10 भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय

  1. चकिया (पूर्वी चंपारण) : 81.97 अंक
  2. शेखपुरा (शेखपुरा) – 79.77 अंक
  3. तारापुर (मुंगेर) : 78.72 अंक
  4. निर्मली (सुपौल) : 77.82 अंक
  5. अरवल (अरवल) : 76.52 अंक
  6. बिरौल (दरभंगा) : 76.16 अंक
  7. ⁠हिलसा (नालंदा) : 74.79 अंक
  8. पालीगंज (पटना) : 74.71 अंक
  9. बेलसंड (सीतामढ़ी) : 74.27 अंक
  10. बेगूसराय (बेगूसराय) : 72.87 अंक

अंतिम 10 भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय

  1. आरा सदर (भोजपुर) : 55.27 अंक
  2. फारबिसगंज (अररिया) : 55.22 अंक
  3. मुजफ्फरपुर पूर्वी (मुजफ्फरपुर) : 53.60 अंक
  4. बेतिया (प. चंपारण) : 53.43 अंक
  5. दानापुर (पटना) : 53.11 अंक
  6. सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) : 51.39 अंक
  7. फुलपरास (मधुबनी) : 51.22 अंक
  8. जयनगर (मधुबनी) : 50.82 अंक
  9. भागलपुर सदर (भागलपुर) : 49.95 अंक
  10. ⁠नवगछिया (भागलपुर)- 37.16 अंक

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ऑनलाइन–ऑफलाइन दोनों मोड में की समीक्षा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि विभाग की तरफ से लगातार सभी कार्यों की समीक्षा ऑनलाइन–ऑफलाइन दोनों मोड में की जा रही है. समीक्षा के अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं. समीक्षा का असर रैंकिंग पर भी पड़ रहा है.

मई माह में कई भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. विभाग का उद्देश्य भी यही है कि राज्य की जनता को राजस्व संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा का लाभ लेने में परेशानी का सामना ना करना पड़े इसलिए जिलों में जाकर भी राजस्व कार्यों की समीक्षा की जा रही है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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