पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna News: इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) परिसर से जल्द ही डीएवी स्कूल को स्थानांतरित किया जाएगा. इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. स्कूल के हटने के बाद करीब पांच एकड़ भूमि पर छात्रों के लिए आधुनिक शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इस परियोजना के तहत लेक्चर थिएटर, परीक्षा हॉल, छात्रावास, ऑडिटोरियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा.
स्वास्थ्य विभाग से मिली मंजूरी, अगस्त में हो सकता है शिलान्यास
आईजीआईएमएस प्रशासन ने इस परियोजना का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजा था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है. संभावना है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा. संस्थान का उद्देश्य बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना है.
100-100 कमरों वाले दो छात्रावास बनेंगे
एमबीबीएस की प्रवेश क्षमता वर्ष 2024 से 120 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है, लेकिन छात्रावास की सुविधा पर्याप्त नहीं है. इसे देखते हुए 100-100 कमरों वाले दो नए छात्रावास बनाए जाएंगे. इनमें एक छात्रावास छात्रों और दूसरा छात्राओं के लिए होगा. प्रत्येक कमरे में दो बेड लगाए जाएंगे, जिससे कुल 400 छात्रों के रहने की व्यवस्था हो सकेगी.
स्विमिंग पूल, जिम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की भी होगी सुविधा
नए छात्रावास परिसर में छात्रों के लिए ओपन जिम और छात्राओं के लिए क्लोज्ड जिम बनाया जाएगा. इसके साथ ही स्विमिंग पूल और आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण होगा. इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ खेल और फिटनेस की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
250 छात्रों की क्षमता वाला परीक्षा हॉल और 1000 सीटों का ऑडिटोरियम
आईजीआईएमएस में पहली बार 250 छात्रों की क्षमता वाला आधुनिक परीक्षा हॉल बनाया जाएगा, जहां एक बैच के सभी छात्र एक साथ परीक्षा दे सकेंगे. परीक्षा की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से होगी. इसके अलावा 1000 सीटों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा, जहां सेमिनार, कार्यशाला और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
प्राचार्य ने दी परियोजना की जानकारी
आईजीआईएमएस के प्राचार्य डॉ. रंजीत गुहा ने बताया कि परिसर में संचालित डीएवी स्कूल को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उसके स्थान पर लेक्चर थिएटर, परीक्षा हॉल और छात्रों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से छात्रावास की समस्या का भी समाधान होगा और संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
