Floods in Masaurhi : पटना के दरधा नदी में उफान से धनरूआ प्रखंड में बाढ़ का संकट गहरा गया है. बीर के महुआतड़ के पास बुधवार रात नदी का तटबंध करीब 20 से 25 फीट तक टूट गया. तटबंध टूटने के बाद आसपास के करीब 30 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया. घरों में पानी भरने के बाद ग्रामीण रात से ही तटबंध पर शरण लिये हुए हैं. कई लोग अपने मवेशियों को भी साथ लेकर तटबंध पर रहने को मजबूर हैं.
तटबंध के ऊपर से बह रहा नदी का पानी
बीर-इमलीतड़ के पास अंडा फार्म के समीप दरधा नदी का पानी तटबंध के ऊपर से ओवरफ्लो कर रहा है. पानी बीर अस्पताल के गेट तक पहुंच गया है. ओवरफ्लो का पानी देवधा, लक्ष्मीचक, मुस्तफापुर, सदीसोपुर समेत करीब आधा दर्जन गांवों में फैल गया है. प्रशासन की ओर से मिट्टी और बालू भरे बोरे लगाकर पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन तेज बहाव के कारण पानी लगातार तटबंध के ऊपर से निकल रहा है. भखरी गांव के पास भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है.
डेढ़ सौ बीघे में लगी धान की फसल डूबी
दरधा नदी के जलस्तर में वृद्धि से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार, देवधा और आसपास के इलाके में करीब 100 बीघे तथा महुआतड़ के पास करीब 50 बीघे में लगी धान की फसल पानी में डूब गयी है. खेतों में लगातार पानी जमा रहने से फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गयी है.
घर में पानी घुसा तो तटबंध पर लिया सहारा
बीर निवासी महेंद्र बिंद ने बताया कि दरधा नदी में सात-आठ वर्षों के बाद इतना अधिक पानी आया है. घर में पानी घुसने के बाद वह तटबंध पर शरण लिये हुए हैं. वहीं, मालो देवी अपनी बकरियों और अन्य पशुओं के साथ तटबंध पर रहने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि अब तक प्रशासन का कोई कर्मी उनका हाल जानने नहीं पहुंचा है.
टूटे तटबंध की मरम्मत का निर्देश
देवधा ईंट-भट्ठा के पास टूटे तटबंध की मरम्मत कराने का निर्देश एसडीओ धनराज कुमार ने संबंधित अधिकारियों को दिया है. बीर-महुआतड़ के पास तटबंध टूटने की जानकारी पहले अधिकारियों को नहीं थी. सूचना मिलने के बाद एसडीओ ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही तटबंध पर शरण लिये लोगों की जानकारी लेने को भी स्थानीय अधिकारियों को कहा गया है.
डीएम-एसएसपी ने बराज का लिया जायजा
इधर, डीएम और एसएसपी ने धनरूआ के रामपुर स्थित दरधा नदी पर बने बराज का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने प्रखंड के अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों का भी जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली. प्रशासन की ओर से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
