Patna News : पटना के दानापुर नगर परिषद में पिछले एक सप्ताह से कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रशासक का पद रिक्त पड़ा हुआ है. वित्तीय अधिकार नहीं रहने के कारण नगर परिषद के विकास कार्यों के साथ-साथ कई जरूरी काम भी प्रभावित हो गए हैं. इसका खामियाजा अब नगर परिषद के 40 वार्डों के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. कचरा उठाव से लेकर पेयजल आपूर्ति तक की व्यवस्था प्रभावित होने से जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है.
नगर परिषद की वित्तीय स्थिति का असर सफाई व्यवस्था पर भी पड़ा है. पेट्रोल पंप से नगर परिषद के वाहनों को तेल मिलना बंद हो गया है. इसके कारण मंगलवार को सफाई और डोर टू डोर कचरा उठाव में लगे वाहन नहीं चल सके. नगर परिषद क्षेत्र के कई स्थानों पर घरों से निकलने वाला कचरा जमा हो गया है.
तेल नहीं मिलने से 40 वार्डों में कचरा उठाव ठप
नगर परिषद के वाहनों को पेट्रोल पंप से तेल नहीं मिलने के कारण सभी गाड़ियां बिना तेल भरवाए वापस लौट गईं. बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप का नगर परिषद पर काफी बकाया है. इसी वजह से पेट्रोल पंप संचालक ने तेल देने से मना कर दिया.
नगर परिषद क्षेत्र के कई स्थानों पर घरों से निकलने वाले कचरे को जमा किया जाता है. इसके बाद वाहनों के माध्यम से उसे कूड़ा डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाता है. लेकिन वाहनों के नहीं चलने से जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया है. इससे रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्मार्ट मीटर रिचार्ज नहीं होने से पेयजल आपूर्ति बंद
वित्तीय संकट का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है. वार्ड 21 में झखड़ी महादेव रोड स्थित बोरिंग का स्मार्ट मीटर रिचार्ज नहीं होने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई है. इसके कारण रविवार से इलाके में पेयजल आपूर्ति बाधित है.
बताया जाता है कि नगर परिषद क्षेत्र में इस तरह के करीब 10 और बोरिंग हैं, जिनमें स्मार्ट मीटर रिचार्ज होने के बाद ही बिजली की आपूर्ति होती है. लेकिन वित्तीय संकट के कारण नगर परिषद स्मार्ट मीटर तक रिचार्ज नहीं करवा पा रही है.
पहले भी तेल की समस्या से बंद हुई थीं गाड़ियां
इससे पहले 24 अगस्त को भी पिछले तीन दिनों से साफ-सफाई और डोर टू डोर कचरा उठाव में लगे वाहन तेल नहीं मिलने के कारण बंद हो गए थे. उस समय कार्यपालक पदाधिकारी के प्रभार में रहे एसडीएम अनिरुद्ध पाण्डेय को वित्तीय प्रभार मिलने में देरी के कारण तेल की व्यवस्था प्रभावित हुई थी.
बताया जाता है कि 22 अगस्त को एसडीएम अनिरुद्ध पाण्डेय का स्थानांतरण हो गया था. हालांकि, 25 अगस्त को पदभार सौंपने से पहले तेल की व्यवस्था कर दी गई थी. इसके बाद नगर परिषद की गाड़ियां चल सकीं और साफ-सफाई का काम दोबारा शुरू हुआ.
अब एक बार फिर नगर परिषद के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया है. मंगलवार को तेल नहीं मिलने के कारण सफाई और डोर टू डोर कचरा उठाव में लगे वाहन फिर से बंद हो गए.
ईओ का पद रिक्त रहने से वित्तीय समस्या
नगर प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी का पद रिक्त रहने के कारण वित्तीय समस्या उत्पन्न हो गई है. एसडीएम अनिरुद्ध पाण्डेय के स्थानांतरण के बाद अभी तक विभाग की ओर से कोई पत्र जारी नहीं किया गया है.
उन्होंने बताया कि वित्तीय अधिकार नहीं होने के कारण विकास समेत अन्य कार्य भी बाधित हो गए हैं. लगातार बनी इस स्थिति के कारण नगर परिषद क्षेत्र में सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है.
