Patna News: पटना जिले के दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की मार आम मरीजों पर पड़ रही है. अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह ठप है और अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका हुआ है. सरकारी अस्पताल में दो-दो आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट (सोनोलॉजिस्ट) चिकित्सक के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण जांच कार्य बंद पड़ा है. इसके चलते गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
1000 से 1200 रुपये तक की खुली लूट, निजी जांच केंद्रों पर जाने को मजबूर
सरकारी स्तर पर निशुल्क या बेहद मामूली शुल्क पर होने वाली जांच ठप होने से गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है:
- अतिरिक्त आर्थिक बोझ: लाचार मरीजों को विवश होकर निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें प्रति अल्ट्रासाउंड 1,000 से 1,200 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं.
- गर्भवती महिलाओं की बढ़ी परेशानी: नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC) के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच न होने के कारण काफी दिक्कतों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है.
वैकल्पिक व्यवस्था न होने से फूटा मरीजों का गुस्सा
इलाज कराने आए मरीजों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. लोगों का कहना है कि यदि तैनात रेडियोलॉजिस्ट किसी कारणवश एक सप्ताह से अनुपस्थित हैं, तो अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधा के लिए किसी वैकल्पिक डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति करनी चाहिए थी. स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि गरीब मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से वैकल्पिक डॉक्टर की व्यवस्था कर सेवा बहाल की जाए.
अस्पताल उपाधीक्षक बोलीं- सिविल सर्जन को दी गई है सूचना
मामले को लेकर दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. निभा मोहन ने पुष्टि करते हुए बताया कि रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक पिछले करीब एक सप्ताह से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, जिस कारण अल्ट्रासाउंड जांच का काम बाधित है. उन्होंने कहा कि इस पूरी स्थिति से जिला सिविल सर्जन को आधिकारिक तौर पर अवगत करा दिया गया है, ताकि जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.
