Patna News : भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाए जा रहे संकल्प सेवा अभियान और ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है और लाखों लोग प्रभावित हैं. कई परिवार बेघर होकर राहत और मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का हवाला देकर उठाए सवाल
कुणाल ने आरोप लगाया कि एक ओर बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत और मुआवजा देने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर सेवा संकल्प अभियान के तहत दीए जलाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों में अंधेरा और चूल्हे ठंडे हों, तब उत्सव मनाने का औचित्य नहीं है.
भोजन, दवा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की मांग
माले ने सरकार से मांग की है कि आयोजनों के बजाय बाढ़ पीड़ितों की मदद को प्राथमिकता दी जाए. पार्टी ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, दवा, सुरक्षित आश्रय और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया है.
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