Corona Effect : घर में रहने लगे, तो बढ़ गये सास-बहू के झगड़े, हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म जैसे मामलों में आयी गिरावट

राजधानी में लॉकडाउन के बाद अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आ गया है. जघन्य अपराध की श्रेणी में आने वाले मामले बिल्कुल ही थम गये हैं. हत्या, लूट, डकैती व रेप जैसे मामले अब नहीं आ रहे हैं. पिछले एक हफ्ते की बात की जाये, तो थानों में प्राथमिकी नहीं हो रही है.

पटना : राजधानी में लॉकडाउन के बाद अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आ गया है. जघन्य अपराध की श्रेणी में आने वाले मामले बिल्कुल ही थम गये हैं. हत्या, लूट, डकैती व रेप जैसे मामले अब नहीं आ रहे हैं. पिछले एक हफ्ते की बात की जाये, तो थानों में प्राथमिकी नहीं हो रही है. लॉकडाउन के बाद पीरबहोर में दो, कंकड़बाग में तीन, राजीव नगर में चार, दीघा में दो व जक्कनपुर में दो मामले दर्ज किये गये हैं.

शास्त्री नगर में भी रेप का मामला जरूर दर्ज किया गया है. लेकिन, राजधानी में हर दूसरे दिन होने वाली हत्या व लूट की घटनाएं बिल्कुल ही थम गयी हैं. जो मामले लॉकडाउन में दर्ज किये गये हैं उसमें चोरी के मामले शामिल हैं. थानों की हालत यह है कि थानेदार राजधानी में मौजूद मजदूरों को भोजन, राशन व रहने की व्यवस्था कराने में लगे हुए हैं. कुछ थानेदारों का कहना है कि अभी फरार चल रहे छोटे-मोटे अपराधियों की गिरफ्तारी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बल्कि, शहर में फंसे हुए मजदूरों को सहायता देने का काम किया जा रहा है.

हालांकि, लोग एफआइआर दर्ज नहीं करवाते हैं. लेकिन, फोन आता है और पुलिस मौके पर जाती है. राजीव नगर के थानेदार निशांत सिंह का कहना है कि घरेलू विवाद को लेकर फोन आने पर जब पुलिस जाती है, तो लोग घर का विवाद बताते हैं. लेकिन, एफआइआर दर्ज कराने के मामले सामने नहीं आते. पुलिस का कहना है कि लगातार घरों में रहने की वजह से छोटे-छोटे विवाद अब मुद्दा बनने लगे हैं. हालांकि, घरेलू विवाद का कोई ऐसा बड़ा मामला सामने नहीं आया है. जिसमें हत्या हुई हो, फिलहाल पुलिस इन छोटे-छोटे मामलों को अटेंड कर रही है और लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कर रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >