IIT Patna Think India Workshop: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ‘थिंक इंडिया’ कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया. कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों और शिक्षण संस्थानों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और राष्ट्रीय विकास, नवाचार, उद्यमिता एवं नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया.
संवाद सत्र बना समापन समारोह का मुख्य आकर्षण
कार्यशाला के समापन समारोह में छात्रों और विशेषज्ञ वक्ताओं के बीच संवाद सत्र आयोजित किया गया. इस दौरान युवाओं ने अपने विचार और सवाल साझा किए, जबकि वक्ताओं ने उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने, नई सोच विकसित करने और सामाजिक दायित्वों को समझने के लिए प्रेरित किया. थिंक इंडिया के प्रमुख वक्ता आशीष चौहान ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सोच एवं कार्यक्षमता से ही विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी.
आईआईटी पटना के निदेशक ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह लगातार मौजूद रहे. उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों से मुलाकात कर उनके अनुभवों को जाना और उनका उत्साहवर्धन किया. दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे तीन छात्रों से विशेष बातचीत करते हुए उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया.
छात्रों ने की आयोजन और शैक्षणिक माहौल की सराहना
कार्यशाला में शामिल छात्रों ने आईआईटी पटना के शैक्षणिक वातावरण और आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की. प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को देश की चुनौतियों को समझने, नई संभावनाओं पर विचार करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं.
राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर हुआ मंथन
आयोजकों ने बताया कि दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों के व्याख्यान, संवाद सत्र और वैचारिक चर्चाओं के माध्यम से छात्रों को राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर सोचने और सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आने को प्रेरित किया गया. कार्यशाला के समापन के साथ थिंक इंडिया ने युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने के अपने उद्देश्य को आगे बढ़ाया.
