विशिष्ट शिक्षकों की वेतन विसंगति पर बढ़ी चिंता, हजारों शिक्षक प्रभावित

वर्ष 2022 में बहाल वैसे नियोजित शिक्षक, जो वर्ष 2025 में विशिष्ट शिक्षक बन चुके हैं, आज गंभीर वेतन विसंगति का सामना कर रहे हैं.

-2022 में बहाल शिक्षक बने सीनियर, लेकिन वेतन जूनियर से भी कम संवाददाता,पटना: वर्ष 2022 में बहाल वैसे नियोजित शिक्षक, जो वर्ष 2025 में विशिष्ट शिक्षक बन चुके हैं, आज गंभीर वेतन विसंगति का सामना कर रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर प्रभावित शिक्षक लगातार शिक्षा विभाग को आवेदन देकर अपनी स्थिति से अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है. विदित हो कि हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में शिक्षकों की आपसी वरीयता (सीनियरिटी) तय करने को लेकर पत्र जारी किया गया. शिक्षकों की वरीयता उनके प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में किये गये कार्यकाल के आधार पर निर्धारित की गयी. चूंकि वर्ष 2022 में पहली बार केवल प्रशिक्षित शिक्षकों की ही बहाली हुई थी, इसलिए उस वर्ष बहाल शिक्षक अब विभागीय नियमों के अनुसार टीआरइ-1 और टीआरइ-2 के शिक्षकों से वरीय (सीनियर) माने गये हैं. हालांकि, वरीयता मिलने के बावजूद इन शिक्षकों का वेतन अपने जूनियर शिक्षकों से कम रह गया है. उदाहरण के तौर पर, पहली से पांचवीं कक्षा में टीआरइ-1 के शिक्षकों का वर्तमान बेसिक वेतन 26,520 रुपये है, जबकि वर्ष 2022 में बहाल शिक्षकों का बेसिक वेतन अब भी 25,000 रुपये ही है. यही स्थिति छठी से आठवीं, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर बहाल विशिष्ट शिक्षकों की भी बनी हुई है. यह स्थिति शिक्षा विभाग के ही उन हालिया पत्रों के विपरीत है, जिनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सीनियर शिक्षक का वेतन जूनियर से कम नहीं हो सकता. इसके बावजूद हजारों शिक्षक इस वेतन विसंगति से प्रभावित हैं, जिससे उनमें भारी असंतोष व्याप्त है. संगठन ने मांग की है कि वर्ष 2022 में बहाल हुए और अब विशिष्ट शिक्षक बन चुके शिक्षकों की वेतन विसंगति को शीघ्र दूर किया जाये, ताकि विभागीय नियमों और न्यायसंगत व्यवस्था का पालन हो सके.

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By DURGESH KUMAR

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