Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में तीन विभागों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की. इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), पथ निर्माण विभाग (RCD) और उच्च शिक्षा विभाग के तमाम बड़े अधिकारी शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को बुनियादी सुविधाएं समय पर देने के लिए कई फैसले लिए. इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करके दी.
पानी की समस्या के लिए एआई तकनीक का होगा इस्तेमाल, 30 जून तक लगेंगे नए चापाकल
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की किल्लत पर अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिया कि बिहार के हर घर तक बिना किसी रुकावट के शुद्ध और साफ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
पानी को लेकर आने वाली आम जनता की शिकायतों का तुरंत निपटारा करने के लिए मुख्यमंत्री ने एआई आधारित व्यवस्था (Artificial Intelligence System) तैयार करने की बात कही. इससे तकनीकी खराबी को तुरंत पकड़ा जा सकेगा. इसके साथ ही, ग्रामीण और प्रभावित इलाकों में पानी की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने आगामी 30 जून से पहले हर आवश्यक स्थान पर नए हैंडपंप लगाने की डेडलाइन तय कर दी है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
पुलों की मजबूती की होगी रेगुलर जांच
सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग को बड़े लक्ष्य सौंपे हैं. अब बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को सीधे फोर लेन सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विभिन्न एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और स्टेट हाईवे (SH) के निर्माण कार्यों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया है.
सरकार का फोकस इस बात पर है कि बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों, कृषि मंडियों और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को सबसे बेहतर बनाया जाए ताकि व्यापार को बढ़ावा मिल सके. इसके अलावा, राज्य में पुल-पुलियों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पुलों की गुणवत्ता और मजबूती की नियमित यानी रेगुलर जांच की जाए, ताकि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके.
इसे भी पढ़ें: बिहार पुलिस के 6 IPS अब केंद्र में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी, आईजी रैंक के लिए चुने गए
