Manipur Violence में मारे गए मजदूर के परिजनों को मुआवजा देगी बिहार सरकार, सीएम नीतीश ने किया ऐलान

Manipur Violence: मणिपुर में शनिवार को दो बिहारी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बिहार सरकार ने दोनों मृतकों के परिजनों को सीएम राहत कोष से 2-2 लाख रुपया देने का ऐलान किया है.

Manipur Violence: मणिपुर में पिछले वर्ष मई महीने में शुरू हुई हिंसा अभी भी जारी है. शनिवार को हुई हिंसा में तीन लोग मारे गए. इनमें से दो बिहार के मजदूर थे. मुठभेड़ में मणिपुर पुलिस ने एक उग्रवादी को भी मार गिराया. हिंसा में मारे गए बिहार के दोनों मजदूर के परिवार को बिहार सरकार ने मुआवजा देने का ऐलान किया है.  बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दी. दोनों की पहचान लक्ष्मण कुमार ( 18) और दशरथ कुमार (17) के रूप में हुई.  दोनों मृतक बिहार के गोपालगंज जिले के राजवाही गांव के रहने वाले थे.

नीतीश सरकार देगी मुआवजा

सीएम नीतीश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मणिपुर में उपद्रवी हिंसा में बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले लक्ष्मण  कुमार जी और दशरथ कुमार जी की हत्या से मर्माहत हूं. यह घटना काफी दुःखद है. मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना है. मृत स्व॰ लक्ष्मण  कुमार जी और स्व॰ दशरथ कुमार जी के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 02-02 लाख रू॰ देने का निर्देश दिया है. साथ ही श्रम संसाधन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से नियमानुसार अन्य लाभ दिलाने का निर्देश दिया है. दिल्ली में बिहार के स्थानिक आयुक्त को स्थिति की जानकारी लेने तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने एवं मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव पहुंचाने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.’

काम कर लौट रहे थे मजदूर

घटना को लेकर मणिपुर पुलिस ने बताया कि शाम 5.20 बजे दोनों मजदूर काकचिंग जिले के केइराक में कंस्ट्रक्शन का काम करके लौट रहे थे. इसी दौरान पंचायत कार्यालय के पास घटना घटी. पिछले 19 महीने से पूर्वोत्तर के इस राज्य में हिंसा जारी है. अब तक इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. सरकार के तमाम प्रयास यहां विफल साबित होते जा रहे हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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