सिने संवाद : बिहार में सृजन की कमी नहीं

बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड द्वारा शुक्रवार को बिहार ललित कला अकादमी सभागार में 'सिने संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य फिल्म निर्माताओं के समक्ष वितरण की चुनौतियों पर चर्चा और संभावनाओं की पहचान करना था.

लाइफ रिपोर्टर @ पटना बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड द्वारा शुक्रवार को बिहार ललित कला अकादमी सभागार में ”सिने संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य फिल्म निर्माताओं के समक्ष वितरण की चुनौतियों पर चर्चा और संभावनाओं की पहचान करना था. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक अभिलाष शर्मा रहे. उन्होंने कहा कि, बिहार की मिट्टी में कहानियों की भरमार है, लेकिन फिल्मों के वितरण और प्रदर्शन की संरचना को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर प्रदर्शनी मंच विकसित करे और बिहार आधारित फिल्मों को सब्सिडी में वरीयता दे. कार्यक्रम का संचालन निगम की महाप्रबंधक रूबी के नेतृत्व में हुआ. उन्होंने बताया कि अब तक 15 फिल्मों को अनुमति दी जा चुकी है और कई फिल्में पाइपलाइन में हैं. अरविंद रंजन दास ने मंच संचालन किया. इस संवाद में राज्य के उभरते फिल्मकारों, विद्यार्थियों, तकनीशियनों व थिएटर कलाकारों ने भाग लिया. पैनल चर्चा में क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने, सिनेमाघरों की उपलब्धता और फिल्म सिटी के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया गया. गौरतलब है कि अभिलाष शर्मा की मगही फिल्म ‘स्वाहा’ ने 30 से अधिक फिल्म समारोहों में भाग लिया है और 7 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है. वे बिहार की भाषाओं और सांस्कृतिक कथाओं को सिनेमा में समर्पित रूप से ला रहे हैं. मंच संचालन अरविंद रंजन दास ने की.

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By MANISH LIFE

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