One Nation-One Election पर पीएम मोदी को मिला चिराग का समर्थन, बोले- देश के लिए बहुत जरूरी

One Nation-One Election: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वन नेशन-वन इलेक्शन का समर्थन करते हुए कहा है कि हर दूसरे-तीसरे महीने देश के किसी न किसी राज्य में चुनाव के कारण उस राज्य के कामों को रोका जाता है, उससे उस राज्य और देश दोनों का नुकसान होता है.

One Nation-One Election: केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी है. संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में यह बिल संसद में पेश किया जा सकता है. यह बिल पूरे देश में एक चुनाव का मार्ग प्रशस्त करेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी सरकार बिल पर आम सहमति बनाना चाहती है. सरकार इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए बिल को संयुक्त संसदीय समिति या जेपीसी के पास भेज सकती है. इस दौरान जेपीसी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगी.

चिराग ने किया समर्थन

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर कहा, ‘वन नेशन-वन इलेक्शन देश के लिए बहुत जरूरी है. जिस तरह से हर दूसरे-तीसरे महीने देश के किसी न किसी राज्य में चुनाव होता है इस वजह से उस राज्य के कामों को रोका जाता है, उससे उस राज्य और देश दोनों का नुकसान होता है. इसी सोच के साथ वन नेशन-वन इलेक्शन को लाया जा रहा है. हर दूसरे-तीसरे महीनें जिस तरह से देश के किसी न किसी राज्य में चुनाव होते हैं, उससे उस राज्य के विकास कार्यों में गतिरोध पैदा होता है. कांग्रेस हर चीज का विरोध करती है. हर वो सोच जो पीएम मोदी द्वारा लाई जाती है. उसका कांग्रेस ने विरोध ही किया है. हालांकि जब देश आजाद हुआ था तो इसी सोच के साथ चुनाव करवाने की व्यवस्था को तैयार किया गया था कि 5 साल तक राज्य और देश दोनों की सरकारें चलेंगी.’

संजय जयसवाल ने कांग्रेस से किया सवाल

भाजपा सांसद संजय जयसवाल ने इस मुद्दे पर कहा, ‘वन नेशन-वन इलेक्शन बहुत अच्छा बिल है और यह कोई नया प्रयोग नहीं है. हमारे संविधान निर्माताओं ने जब संविधान की रचना की थी उसके बाद 1970 तक सभी चुनाव एक साथ ही होते थे. इंदिरा गांधी के समय में ये परंपरा टूटी. साल भर चुनाव होने से सभी कुछ प्रभावित रहता है. चुनाव केवल एक राज्य का नहीं होता. जैसे हरियाणा के चुनाव में बिहार के 50% वरिष्ठ अधिकारी पर्यवेक्षक बने थे. सभी सदस्यों को एक साथ मिलकर इस बिल के प्रारूप पर चर्चा करनी चाहिए और इससे सहमत होना चाहिए जिससे हम साल भर होने वाले चुनाव से बच सकें. जब संविधान बनाया गया तो सभी चुनाव एक साथ होते थे. कल संविधान पर चर्चा है. राहुल गांधी को जरूर बताना चाहिए कि क्या हमारे संविधान निर्माताओं ने भूल की थी?’

पप्पू यादव बोले- हड़बड़ी क्या है?

वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, ‘वन नेशन-वन इलेक्शन लाने की इतनी हड़बड़ी क्या है? संवैधानिक दायित्वों का आप निर्वाह करते नहीं. EVM पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन वो नहीं की जा रही है. पूंजीपतियों का आधिपत्य राजनीतिक जीवन में और लोकतांत्रिक मूल्यों में बढ़ता जा रहा है. जरूरी यह है कि हम चुनाव को पारदर्शी बनाए. वन नेशन-वन इलेक्शन कभी सफल नहीं होगा. अगर सरकार गिर गई तो क्या आप 5 साल सरकार बनाने का इंतजार करेंगे?. मुझे लगता है कि देश के लिए यह निर्णय सही नहीं है.’

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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