Chirag Paswan: पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस की तबीयत अचानक खराब हो गई. सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
जल्द स्वस्थ होने की कामना की
यह खबर जैसे ही लोजपा (रा) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली, वह तुरंत अस्पताल पहुंच गए. चिराग ने अपने चाचा से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन पारस उनके लिए पिता समान हैं और वह एक बेटे की तरह उनसे मिलने आए हैं.
रामविलास पासवान की मौत के बाद हुआ था विवाद
रामविलास पासवान के निधन के बाद परिवार और पार्टी में बड़ा विवाद सामने आया था. उनकी विरासत को लेकर चिराग पासवान और पशुपति पारस के बीच मतभेद बढ़ गए थे. इसी विवाद के बाद लोक जनशक्ति पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी. एक तरफ चिराग पासवान की लोजपा (रा) बनी, तो दूसरी तरफ पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी बनी.
केंद्र की राजनीति में भी इसका असर दिखा. पारस केंद्रीय मंत्री बने, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जब चिराग की एनडीए में वापसी हुई, तो पारस को किनारे कर दिया गया. बाद में उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया.
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मिट रही दूरियां
पिछले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पारस ने एनडीए से अलग राह चुनी, लेकिन उनकी पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली. हालांकि अब रिश्तों में नरमी दिख रही है. हाल के महीनों में चाचा-भतीजा कई मौकों पर करीब आते नजर आए हैं. खगड़िया के एक पारिवारिक कार्यक्रम में चिराग ने चाचा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था. हाल ही में पारस ने यह भी कहा था कि अगर चिराग बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें खुशी होगी.
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