सरकारी स्कूलों में बच्चे अब संगीत भी सीखेंगे

सरकारी स्कूलों में रिकॉर्डेड गाने पर चेतना सत्र का आयोजन अब नहीं होगा, बल्कि बच्चे अब खुद वाद्य यंत्र बजाते हुए चेतना सत्र में शामिल होंगे.

प्रतिनिधि, मसौढ़ी

सरकारी स्कूलों में रिकॉर्डेड गाने पर चेतना सत्र का आयोजन अब नहीं होगा, बल्कि बच्चे अब खुद वाद्य यंत्र बजाते हुए चेतना सत्र में शामिल होंगे. गौरतलब है कि वाद्य यंत्र बजाने और गाना गाने में बच्चे दक्ष बनें इसके लिए मसौढ़ी के सभी प्राइमरी, मिडिल एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में म्यूजिक डेस्क बनाया जा रहा है. इसके तहत स्कूलों में हारमोनियम, तबला, झाल, करताल आदि की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. बच्चों को गाना गाने सहित इन वाद्य यंत्रों को बजाने के लिए संगीत के शिक्षक नियुक्त किये जा रहे हैं. शिक्षा विभाग के अनुसार, इसमें उन लड़के और लड़कियों को शामिल किया जायेगा, जिनमें गाना गाने में दिलचस्पी होगी. लड़कियों को संगीत की शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया जायेगा. गाने-गाने के अलावा तबाला, हारमोनियम, झाल, करताल की कला भी सिखायी जायेगी. गाने में छठ जैसे पारंपरिक गाने सहित बिहारी लोक गीत पर ज्यादा जोर दिया जाना है. स्कूलों को वाद्य यंत्र खरीदने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राशि उपलब्ध करायी गयी है. इसी क्रम में मसौढ़ी के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय में मसौढ़ी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की निगरानी में वितरण किया जा रहा है. प्रत्येक विद्यालय को एक-एक म्यूजिक सिस्टम, तबला, नाल, कैसियो यंत्र, टफली, झाल, मंजिरा, वासुरी घुंघरू सेट दिया गया है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी श्रीकुमार, लेखा सहायक प्रमोद कुमार, खुशबू कुमारी, रंधीर कुमार, मनोज कुमार समेत सभी विद्यालय के प्रधान उपस्थित रहे.

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By MAHESH KUMAR

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