Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने जांच शुरू कर दी है. टीम ने SIT, थाना अधिकारियों और छात्रा के परिवार से पूछताछ की है. गुरुवार को CBI ने कदमकुआं थाना के निलंबित सब-इंस्पेक्टर हेमंत झा को कार्यालय बुलाया और करीब 30 मिनट तक पूछताछ की.
शुरुआत में हेमंत झा ने लापरवाही बरती थी. जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब उन्होंने परिवार का फर्द बयान दर्ज किया. इसके बाद चित्रगुप्त नगर थाना में FIR दर्ज हुई थी. लापरवाही के कारण पटना के SSP ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था.
भाई का मोबाइल बना अहम सुराग
छात्रा के भाई का मोबाइल पान की दुकान पर मिला. इसे अब जांच का अहम सुराग माना जा रहा है. दुकानदार ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल दिया और कहा कि कोई लेने आएगा. दस मिनट बाद स्कॉर्पियो से पांच लोग आए और मोबाइल ले गए. दुकानदार ने कहा कि वह उस व्यक्ति को जानता नहीं है. लेकिन पहचान सकता है.
इस कड़ी में CBI ने जांच तेज कर दी है. भाई के मोबाइल का CDR भी खंगाला जा रहा है. जरूरत पड़ने पर भाई को पटना बुलाया जा सकता है.
CBI ने किया सीन रीक्रिएट
5 जनवरी को छात्रा अकेले जहानाबाद से पटना लौटी थी. वह ट्रेन से पटना जंक्शन पहुंची. करबिगहिया छोर से बाहर निकली और ई-रिक्शा से हॉस्टल के पास उतरी. वहां से पैदल हॉस्टल गई. CBI टीम ने इसी क्रम में सीन रीक्रिएट किया.
धमकी भरे लेटर की FSL जांच
छात्रा के परिवार को दो धमकी भरे पत्र मिले थे. पहले बेटी को निशाना बनाया गया. पत्र में लिखा था कि अगर नहीं माना तो बेटा भी जाएगा. इन पत्रों के बीच केवल 48 घंटे का अंतर था. बुधवार को बिहार पुलिस की FSL टीम जहानाबाद परिवार के घर पहुंची. करीब डेढ़ घंटे तक टीम ने घर और आसपास कई जगहों से सैंपल लिए. घर के दरवाजों और खिड़कियों के साइज भी नापे गए.
FSL टीम अब दोनों पत्रों की लिखावट की जांच कर रही है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या धमकी एक ही व्यक्ति ने दी थी या अलग-अलग लोग शामिल थे.
परिवार की सुरक्षा
मिली जानकारी के अनुसार, धमकी मिलने के बाद से पीड़ित परिवार की सुरक्षा जहानाबाद पुलिस की ओर से की जा रही है. CBI और पुलिस की संयुक्त जांच अभी भी जारी है.
