कैबिनेट : नगर निकायों में योजनाओं के लिए लीज पर ली जायेगी जमीन

राज्य के नगर निकायों में विभिन्न प्रकार के आधारभूत संरचना के विकास को लेकर रैयतों से लीज पर जमीन ली जायेगी.

संवाददाता, पटनाराज्य के नगर निकायों में विभिन्न प्रकार के आधारभूत संरचना के विकास को लेकर रैयतों से लीज पर जमीन ली जायेगी. कैबिनेट ने बिहार रैयती लीज नीति के आधार पर निकायों में सतत लीज लेने की नीति की स्वीकृति दे दी है. इससे नगर निकाय क्षेत्रों में नाला निर्माण, सड़क निर्माण, प्रशासनिक भवन, सम्राट अशोक भवन, मोक्षधाम-शवदाह गृह, ठोस कचरा प्रबंधन के तहत कंपोस्ट प्लांट, एमआरएफ, तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सीवेज-सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि का निर्माण हो सकेगा. इस नीति के तहत आवश्यक जमीन उपलब्ध होने से निकायों द्वारा महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन और ठोस -तरल कचरे का प्रबंधन होगा. इससे शहरों का सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना का निर्माण व नागरिक सुविधाओं का विकास होगा.

मुंगेर जिला के असरगंज में 466.49 एकड़ में आधारभूत संरचना निर्माण कराया जायेगा. जिला के विभिन्न मौजे से यह जमीन आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार के माध्यम अधिग्रहण किया गया है. जमीन अधिग्रहण के लिए कैबिनेट ने एक अरब 24 करोड़ 62 लाख की स्वीकृति दी है. जहानाबाद जिला अंतर्गत सिंचाई प्रमंडल उदेरास्थान के अधीन उदेरास्थान बराज के निर्माण होगा. इससे संबंधित चल रहे मुकदमा का निपटारा होने के बाद इसके निर्माण के लिए 651 करोड़ 13 लाख की स्वीकृति दी गयी. इसके लिए संवेदक के साथ समझौता हो गया है. बराज का निर्माण के साथ पहले से निर्मित उदेरास्थान वीयर योजना की नहर प्रणालियों का आधुनिकीकरण कार्य कराया जायेगा.

कैबिनेट के अन्य फैसले

-पटना में बिहार खाद्यान्न भंडारण प्रबंधन एवं प्रबंधन संस्थान का निर्माण कराया जायेगा. इसके लिए कैबिनेट ने चार करोड़ 64 लाख 94हजार की स्वीकृति दी है.

-मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना के बकाये बिजली बिल के लिए राज्य योजना मद में बिहार आकस्मिकता निधि से कुल 594.56 करोड़ की राशि का अग्रिम स्वीकृति दी गयी.

-बिहार निधि के स्थायी काय को 2025-26 की अवधि में 30 मार्च तक के लिए अस्थायी रूप से बढ़ाकर 31 हजार 689 करोड़ 50 लाख करने की स्वीकृति दी गयी.

-कैबिनेट ने बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन (मत्स्य) सेवा-भर्ती(संशोधन) नियमावली 2025 के आलोक में बिहार मत्स्य सेवा के मूल पदों पर नियुक्ति करने की स्वीकृति दी गयी.

-बिहार ईंख पर्येवेक्षक संवर्ग (भर्ती-प्रोन्नति एवं सेवा शर्तें) नियमावली 2025 की स्वीकृति दी गयी. कारा एवं सुधार सेवाएं, परिधापक संवर्ग नियमावली 2025 के गठन की स्वीकृति दी गयी.

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Published by: Rakesh ranjan

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