भाजपा ने बनायी 45 सदस्यों वाली चुनाव अभियान समिति

भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी 45 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति का ऐलान कर दिया है.

संवाददाता, पटना भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी 45 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति का ऐलान कर दिया है. इसमें केंद्रीय मंत्रियों, बिहार सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक,पूर्व सांसद और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को शामिल किया गया है. समिति का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप कुमार जायसवाल करेंगे. भाजपा का दावा है कि समिति का गठन ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप हुआ है. इसमें सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है. इस समिति का काम प्रचार अभियान की रणनीति बनाना और उसे बूथ स्तर तक लागू करना होगा. इसके साथ ही केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े बड़े नेता भी बिहार आकर प्रचार को गति देंगे. पार्टी ने यह साफ किया है कि चुनाव का मुख्य फोकस विकास और सुशासन होगा और लक्ष्य एनडीए के साथ मिलकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना है. समिति में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय हैं. अन्य चर्चित चेहरों में राधा मोहन सिंह, डॉ संजय जायसवाल, गोपाल नारायण सिंह, रविशंकर प्रसाद, अश्विनी चौबे और राजीव प्रताप रूड़ी जैसे दिग्गज हैं. इनके अलावा सतीश चंद्र दुबे, मंत्री प्रेम कुमार, रेणु देवी, जनक राम, हरि सहनी, ऋतुराज सिन्हा, शाहनवाज हुसैन, रमा देवी, प्रदीप कुमार सिंह, जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, गोपालजी ठाकुर, विवेक ठाकुर, अशोक यादव और शंभू शरण पटेल को भी समिति में जगह दी गयी है. समिित में नये चेहरों को भी मिली जगह समिति में कृष्ण कुमार ऋषि, धर्मशीला गुप्ता, अनिल शर्मा (बख्तियारपुर), कृष्ण कुमार मंटू, राम नारायण मंडल, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, वीरेंद्र चौधरी, अशोक अग्रवाल, हरि मांझी, लालमोहन गुप्ता, बेबी कुमारी, शीला प्रजापति, राजेंद्र चौपाल, यूपी शर्मा, उपेंद्र प्रसाद, राम कुमार राय, विश्वमोहन कुमार और तल्लु वासकी को भी शामिल किया गया है. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 45 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति में विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, बिहार सरकार के कई मंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह व रामकृपाल यादव सहित कई नेताओं का नाम नहीं होने को लेकर तरह तरह के कयास भी लगे, लेकिन पार्टी ने खारिज कर दिया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल ने मीडिया को बताया कि सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी गयी है. जिन वरिष्ठ नेताओं को समिति में शामिल नहीं किया गया है, उन्हें घोषणा पत्र समिति और चुनाव संचालन समिति जैसी अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में जगह दी जायेगी.

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Published by: Rakesh ranjan

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