Patna Filaria Survey : पटना जिले के बिक्रम प्रखंड के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में शनिवार से ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे-1 (टास-1) की शुरुआत की गई. राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों के रक्त के नमूने लेकर क्यू-फैट (Q-FAT) किट से फाइलेरिया संक्रमण की जांच की जा रही है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्षेत्र में फाइलेरिया का संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित हुआ है या नहीं.
जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद ने किया. उन्होंने कहा कि टास-1 सर्वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का एक महत्वपूर्ण चरण है. इस सर्वे के माध्यम से बच्चों की जांच कर संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मनोज कुमार, कल्याणी, मनीष कुमार तथा पिरामल स्वास्थ्य से प्रदीप कुमार मौजूद रहे. विद्यालय के प्रधानाध्यापक उत्तम कुमार, सहायक शिक्षक अमरदीप कुमार एवं अनु कुमारी ने जांच टीम को आवश्यक सहयोग प्रदान किया.
पटना जिले के सात क्षेत्रों में चल रहा सर्वे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पटना जिले के बख्तियारपुर, बिक्रम, बाढ़, बेलची, मोकामा, घोसवरी तथा पटना शहरी क्षेत्र के चयनित विद्यालयों में टास-1 गतिविधि संचालित की जा रही है. इन सभी क्षेत्रों के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 और 2 के बच्चों के रक्त नमूनों की जांच क्यू-फैट किट के माध्यम से की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस सर्वे के परिणाम फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की सफलता का आकलन करने और भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
