बिहटा से मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Bihata Crime News: बिहटा के खेदलपुर गांव निवासी स्वर्गीय बिंदेश्वरी राय के 17 वर्षीय पुत्र अमित कुमार का शव श्रीरामपुर टोला स्थित एक खंडहरनुमा मकान में मिला था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है.
Bihata Crime News: समसारा बधार में मिला अज्ञात वृद्ध का शव
इधर समसारा गांव स्थित कुशवाहा नगर बधार में बुधवार को एक अज्ञात वृद्ध का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. ग्रामीणों ने खेत की ओर जाने के दौरान तेज दुर्गंध महसूस की. खोजबीन करने पर बधार में शव पड़ा मिला. शव काफी पुरानी अवस्था में था और उससे दुर्गंध आ रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत कई दिन पहले हुई होगी.
पहचान कराने में जुटी पुलिस
मृतक की उम्र लगभग 60 से 65 वर्ष बतायी जा रही है. उसके शरीर पर नीले रंग की टी-शर्ट और काले रंग की हाफ पैंट थी. वहीं पास में नीले और सफेद रंग का गमछा भी बरामद हुआ है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों से भी उसका मिलान किया जा रहा है, लेकिन अब तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में पुलिस
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है. खेदलपुर मामले में मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच चल रही है, जबकि समसारा में मिले अज्ञात शव की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.
किशोर की मौत के बाद नशे को लेकर चर्चा तेज
खेदलपुर गांव में अमित कुमार की संदिग्ध मौत के बाद स्थानीय स्तर पर कम उम्र के युवाओं में कथित रूप से बढ़ रहे नशे के चलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा.
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताई चिंता
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के लिए परिवार और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है. उनका मानना है कि जागरूकता और निगरानी के माध्यम से युवाओं को सही दिशा दी जा सकती है. फिलहाल दोनों मामलों को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है.
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