Bihar Suspended ASI: सेना बहाली रैकेट तक था सरोज सिंह का नेटवर्क, करोड़ों की बेनामी संपत्ति के मिले सबूत, झारखंड और दिल्ली तक दबिश

Bihar Suspended ASI: अब तक की पूछताछ में एसटीएफ को सरोज सिंह ने अवैध हथियारों के कारोबार और सेना में बहाली से जुड़ी अनियमित गतिविधियों में शामिल होने की बात कबूल की है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.

Bihar ASI, अनुज शर्मा: बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात से कुख्यात सरोज सिंह की निशानदेही पर छापेमारी शुरू कर दी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने छापेमारी के लिए कई टीमों का गठन किया है. छापेमारी पटना के बाहर बिहार, झारखंड और दिल्ली तक की जा रही है. गिरोह से जुड़े कुछ अपराधियों और मददगारों को भी उठाया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. एसटीएफ इस पूरी कार्रवाई को बड़े गोपनीय तरीके से अंजाम दे रही है.

बिहार और बाहर बेनामी संपत्ति के प्रमाण भी मिले

एसटीएफ के एक सूत्र ने बताया कि सरोज सिंह और उसके साथ गिरफ्तार परशुराम सिंह, मुन्ना यादव, विश्वजीत सिंह और निशांत कुमार राय से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं. बिहार और बाहर बेनामी संपत्ति के प्रमाण भी मिले हैं. यह संपत्तियां सरोज सिंह के घर, पटना के सगुना मोड़ स्थित किराए के मकान और रूपसपुर स्थित एक प्राइवेट रियल एस्टेट ऑफिस में हुई छापेमारी में अब तक बरामद संपत्ति से अलग हैं.

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करेंसी गिनने की मशीन भी बरामद की गई

एसटीएफ ने सरोज सिंह के पुश्तैनी घर से हथियारों के साथ-साथ कई जमीनों से जुड़े दस्तावेज और विभिन्न सरकारी विभागों की सीलें बरामद की थीं. इसके अलावा दो करोड़ रुपये के जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे.

गर्दनीबाग इलाके स्थित एक अन्य घर से 1.40 करोड़ रुपये नकद और एक करेंसी गिनने की मशीन भी बरामद की गई थी. बता दें कि बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल ने शुक्रवार को समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र स्थित सुलतानपुर गांव में छापेमारी कर निलंबित सिपाही सरोज सिंह को चार सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया था.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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