Bihar: बिहार के बच्चों को अब स्कूल में सिखाई जाएगी 'पैसे की समझ', यूनिसेफ और एससीईआरटी की साझेदारी

Bihar News: बिहार एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार की 'गुल्लक से बचत' मुहिम को अब राज्य के सभी माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जा रहा है. यूनिसेफ और एससीईआरटी द्वारा तैयार विशेष वित्तीय साक्षरता मॉड्यूल के तहत बच्चों को बचपन से ही पैसे की बचत, प्रबंधन और निवेश के सिद्धांत सिखाए जाएंगे.

Bihar News: बिहार एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार की गुल्लक से बचत मुहिम अब सूबे के सभी माध्यमिक विद्यालयों में लागू होगी. जिसमें बच्चों को गुल्लक से बचत का तरीका बताया जायेगा और बचत के जरिये गुल्लक को छोटा से बड़ा करने की प्रेरणा दी जायेगी. इससे बच्चे बचपन से ही पैसे के प्रबंधन और निवेश के सिद्धांतों को समझ सकेंगे. एससीइआरटी और यूनिसेफ ने मिलकर इस पहल के लिए एक वित्तीय विशेष साक्षरता मॉड्यूल तैयार किया है.

एक लाख से अधिक बच्चों के बीच बांट चुके हैं गुल्लक

चंदन ने बच्चों में गुल्लक के द्वार बचत करने के लिये वर्ष 2015 में साहेबगंज के राजेपुर लखना हाई स्कूल से इस मुहिम की शुरुआत की थी. अब तक वह मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना के स्कूलों में एक लाख से अधिक बच्चों के बीच गुल्लक बांट चुके हैं और उनका यह अभियान लगातार जारी है. चंदन ने इसके लिये सरकारी स्तर पर प्रयास करने की मांग की थी, जो अब साकार हो गयी है. शिक्षा विभाग विशेष साक्षरता मॉडयूल के तहत गणित की कक्षा में बच्चों को गुल्लक से बचत के साथ चक्रवृद्धि ब्याज और सरल ब्याज के बारे में बच्चों बतायेगा.

सूबे के 16 शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

इस मॉड्यूल के आधार पर सभी स्कूलों में विशेष कक्षाएं चलायी जाएंगी. इसके लिये विभिन्न जिलों से चुने गए 16 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. यह नोडल शिक्षक अब अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे. प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को बचत और वित्तीय साक्षरता के बारे में बतायेंगे. शिक्षक बच्चों को यह सिखाएंगे कि अगर उन्हें एक गुल्लक मिलता है, तो उसमे पैसे डाल कर कैसे अपनी बचत को एक सौ रुपया कर सकते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को वित्तीय लेन-देन करते समय किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिये, इसकी जानकारी भी दी जायेगी. बच्चों को यह सिखाया जायेगा कि चाहे उन्हें छोटी सी रकम ही क्यों न मिले, वे उसका दुरुपयोग नहीं करें, बल्कि सोच-समझकर बचत के रूप में जमा करें, जिससे वह रकम उनके भविष्य में जरूरत के समय काम आ सके.

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क्या बोले संयोजक

गुल्लक मुहिम के संयोजक चंदन कुमार ने कहा कि मैंने 2015 से गुल्लक मुहिम की शुरुआत की थी. अपने खर्चे से गुल्लक खरीदकर स्कूलों में बच्चों के बीच बांटना शुरू किया और बच्चों को बचत के लिये प्रोत्साहित किया. मेरा यह मुहित लगातार चल रहा है. अब कई स्कूलों में नामांकन के वक्त ही स्कूल प्रबंधक बच्चों को बचत के लिये गुल्लक दे रहे हैं. मेरी कोशिश थी कि सरकारी स्तर पर प्रयास हो तो बच्चों में बचत की प्रवृत्ति का विस्तार होगा. सरकार ने इसकी सुधी ली है. अब इसका और विस्तार होगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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