बिहार में सम्राट कैबिनेट विस्तार की उलटी गिनती शुरू, 3 या 6 मई को शपथ ले सकते हैं नए मंत्री

Samrat Choudhary Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है. 3 या 6 मई को विस्तार की संभावना जताई जा रही है.

Samrat Choudhary Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म होते ही बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि जनता दल यूनाइटेड के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी. अब सरकार के विस्तार को लेकर 3 मई और 6 मई की तारीख सबसे ज्यादा चर्चा में है.

कैसे तय होगी तारीख

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति पर निर्भर माना जा रहा है. पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद वहां से मिलने वाली राजनीतिक रिपोर्ट के आधार पर बिहार में विस्तार की तारीख तय हो सकती है. अगर पार्टी को बंगाल में मजबूत स्थिति का भरोसा रहेगा तो विस्तार 6 मई तक हो सकता है, जबकि किसी तरह की आशंका की स्थिति में यह प्रक्रिया 3 मई को पहले भी पूरी की जा सकती है.

बिहार में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री बनाये जा सकते हैं. माना जा रहा है कि सभी पद एक साथ नहीं भरे जाएंगे. पहले की तरह कुछ पद खाली रखे जा सकते हैं ताकि भविष्य की राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से समीकरण साधे जा सकें.

कैसा होगा फार्मूला

नई सरकार में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री होने के बावजूद जनता दल यूनाइटेड को ज्यादा मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है. नीतीश कुमार सरकार के पुराने फॉर्मूले के तहत जदयू को संख्या और बड़े विभागों में प्राथमिकता मिल सकती है. चर्चा है कि भाजपा के 14 और जदयू के 15 मंत्री बनाए जा सकते हैं.

पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की वापसी लगभग तय मानी जा रही है. हालांकि उन्हें कौन सा विभाग मिलेगा, इस पर अभी अटकलें जारी हैं. राजस्व और भूमि सुधार जैसे विभागों के साथ-साथ पथ निर्माण जैसे बड़े मंत्रालय की भी चर्चा हो रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

सहयोगियों की क्या भूमिका होगी

सहयोगी दलों में लोक जनशक्ति पार्टी (रा), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी पहले की तरह प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है. जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के दलों से पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिल सकता है.

बिहार की राजनीति में अब नजरें सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि सम्राट चौधरी अपनी पहली कैबिनेट में किन चेहरों को जगह देते हैं और कौन से विभाग किस दल के हिस्से आते हैं.

इसे भी पढ़ें: बिहार में खत्म हुई सीओ की हड़ताल, 4 मई से काम पर लौटेंगे अफसर, जमीन के काम होंगे शुरू

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >